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ढाई लाख में से सिर्फ 9 हजार पशुओं का हुआ बीमा

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पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की तरफ से चलाई जा रही पशुधन बीमा योजना के प्रति पशु पालक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में करीब ढाई लाख पशु हैं। लेकिन पशु बीमा को देखा जाए तो जिले में फरवरी से अब तक मात्र नौ हजार पशुओं का बीमा करवाया गया है। जबकि सरकार की तरफ से पशुधन बीमा के लिए नाम मात्र की राशि निर्धारित की हुई है। बड़े पशु के लिए 100 रुपये और छोटे पशु के लिए 25 रुपये निर्धारित किया हुआ है। जबकि पशु पालन विभाग व सरकार की तरफ से जिला में पशुधन बीमा योजना के बारे में पशु पालकों को समय-समय पर जागरूक भी किया जाता है। प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन भी झज्जर में किया जा चुका है। उसमें भी पशुपालकों को जागरूक किया जाता है। लेकिन पशु पालक नाम मात्र की राशि अदा कर पशुओं का बीमा नहीं करवा रहे हैं। पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों के पशु की किसी कारणवश मौत हो जाती है तो उसके बीमें की राशि पशु पालक को मिल जाती है।
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दुधारू पशुओं का किया जाता है बीमा
पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से पशुपालकों के दुधारू पशुओं का बीमा किया जाता है। जिले में पशुओं की गणना का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन गणना के मुताबिक दुधारू पशुओं के आंकड़े फिलहाल पशुपालन विभाग ने अलग नहीं किए हैं। जबकि कुल को देखा जाए तो करीब 2 लाख 58 हजार 514 है। इनमें 59 हजार गाय, 1 लाख 80 हजार 400 भैंस, 9300 भेड़, 7800 बकरी, 12000 सुअर हैं। जबकि पशु बीमा योजना के तहत गाय, भैंस, बकरी और भेड़ का बीमा किया जाता है।
किसी भी पशु अस्पताल से करवा सकते हैं बीमा
पशुपालक किसी भी पशु अस्पताल में जाकर पशु चिकित्सक के पास अपने पशु का बीमा करवा सकते हैं। विभाग के नियमानुसार एक पशु पालक पांच पशुओं का बीमा करवा सकता है। पांच से अधिक पशुओं का बीमा एक पशुपालक का नहीं किया जाता। पशु पालक को सरकार की तरफ से निर्धारित की गई राशि जमा करवा कर पशु बीमा का फार्म भरना होता है। उसके बाद पशु पालन विभाग की तरफ से पशुओं का बीमा किया जाता है।
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जिले का कोई भी पशुपालक अपने दुधारू पशुओं का बीमा करवा सकता है। जो पशु पालक बीमा करवाने के लिए आ रहे हैं, उन पशुपालकों के पशुओं का बीमा किया जा रहा है।
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डॉ. मनीष डबास, डीडीए, पशुपालन विभाग, झज्जर।
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