शहर में जहरीली हवा का दबाव लगातार बना हुआ है। वीरवार को भी आसमान में स्मॉग छाया रहा। दिवाली का त्योहार बीते चार दिन हो चुके हैं, लेकिन बहादुरगढ़ क्षेत्र में चारों ओर काफी मात्रा में प्रदूषण फैला हुआ है। प्रदूषण कम न होने की वजह से वीरवार को लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया। वीरवार को एक्यूआई 321 पर रहा। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल एक-दो दिनों तक आसमान में इसी तरह स्मॉग छाया रहेगा।
दिवाली पर क्षेत्र में खूब आतिशबाजी हुई थी। इसके चलते अब तक क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में है। बहादुरगढ़ की आबोहवा में कोई बदलाव नहीं हुआ है। शहर में लोग बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। प्रदूषण का स्तर इतना ज्यादा है कि लोग दोपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने में भी मुंह पर रुमाल रखकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं। यह प्रदूषण उन लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है जिनको सांस फूलने और अस्थमा की शिकायत है।
बहादुरगढ़ में एक्यूआई पर पिछले चार दिनों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो यह सबसे ज्यादा 436 पर पहुंच गया था, लेकिन प्रदूषण में अभी भी कोई खास फर्क नहीं पड़ा। दिवाली की रात एक्यूआई 436 पर पहुंच गया था, लेकिन 28 अक्तूबर को यह नीचे गिरकर 342 पर आया। 29 अक्तूबर को भी प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई और इस दिन एक्यूआई 336 पर रहा। वहीं 30 अक्तूबर को बहादुरगढ़ में एयर क्वालिटी इंडेक्स 329 पर पहुंचा तो 31 अक्टूबर को 321 पर रहा।
प्रदूषण लेवल स्वास्थ्य पर प्रभाव
0-50 कोई दुष्प्रभाव नहीं (हरा रंग)
51-100 संवेदनशील लोगों को सांस लेने में हल्की तकलीफ (पीला रंग)
101-150 आंखों में जलन व सांस और दिल के मरीजों के लिए खतरनाक (ऑरेंज रंग)
151-200 स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (लाल रंग)
201-300 अति प्रदूषित, घर से बाहर निकलने पर चेतावनी (बैंगनी रंग)
301-500 अति खतरनाक (मैरून रंग)