गांव रईया में बुधवार सुबह एक कार की टक्कर से बालक के घायल होने की सूचना के बाद बिफरे ग्रामीणों ने झज्जर-कोसली रोड को जाम कर दिया। जाम की सूचना के बाद डीएसपी राजीव कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को जानकारी दी कि बालक की हालत ठीक है और हादसा गांव के ही एक व्यक्ति की गाड़ी से हुआ है। ग्रामीणों ने स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग उठाई तो डीएसपी ने इस पर कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब एक घंटे बाद जाम खुलवा दिया। इस बीच हादसे में घायल हुए बालक को सिविल अस्पताल से डॉक्टरों ने पीजीआई रेफर कर दिया।
ये था मामला
गांव कथूरा निवासी गौरव (6) पुत्र संजय फिलहाल अपनी बुआ के पास गांव रईया में रह रहा है। वह बुधवार को रोड पार कर रहा था तो वहां से गुजर रही कार ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में उसे बुरी तरह से चोटें आई। कार चालक घायल बालक को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा और उसका इलाज शुरू करवाया। इस बीच डाक्टरों ने बालक को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। हादसे में कार की टक्कर से बालक के घायल होने की सूचना के बाद ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीण मान रहे थे कि रोड से गुजर रहे किसी प्राइवेट वाहन की टक्कर से बालक को चोटें आई हैं। वाहन गांव का है, ये उनको पता नहीं था।
एक घंटा जाम में फंसे रहे वाहन
हादसे में बालक के घायल होने की सूचना से क्षुब्ध ग्रामीणों ने सुबह 9 बजे के करीब झज्जर-कोसली मार्ग पर जम लगा दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां जुटे थे। उन्होंने रोड पर वाहन खड़ा करने के साथ ही पहले से कटे पड़े पेड़ के तने भी डाल दिए। कुछ देर में ही दोनों तरफ वाहन जाम में फंस गए। राहगीरों को इससे बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम यहां करीब एक घंटा तक रहा। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। कुछ चालक वाहनों को दूसरे मार्ग से भी निकाल ले गए, लेकिन भारी वाहन चालकों को यहीं खड़े रह कर जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा।
ग्रामीण बंटे तो खुला जाम
झज्जर-कोसली मार्ग पर जाम की सूचना के बाद थाना प्रभारी बलजीत सिंह पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत की और जाम खुलवाने का प्रयास किया। ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाने से परेशान थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। इस पर डीएसपी राजीव कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीण इस पर अड़ गए कि कार चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मौके पर स्पीड ब्रेकर बनाया जाए। डीएसपी ने आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण जाम खोलने को राजी नहीं हुए। इस बीच गांव से ही दूसरे धड़े के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बताया कि कार चालक गांव से ही है। ग्रामीणों के इसके बाद आपस में बंट जाने से ओर मामला गांव का ही होने के चलते ग्रामीणों ने करीब एक घंटा बाद जाम खोल दिया।