बहादुरगढ़। आंदोलनरत किसानों ने 6 फरवरी शनिवार को किए चक्का जाम के एलान के बाद बहादुरगढ़ का पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई। विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। टीकरी और झाड़ोदा बार्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बहादुरगढ़ क्षेत्र में अर्धसैनिक की 17 और जिला पुलिस की 8 कं पनियां तैनात है। झाड़ोदा बॉर्डर पर शुक्रवार को दिन भर दो रोडवेज की बसें और एक बोलेरो गाड़ी सुरक्षा के मद्देनजर खड़ी रहीं।
तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर अड़े किसान 6 फरवरी को चक्का जाम करेंगे। इसको लेकर बहादुरगढ़ में विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। झाड़ोदा बॉर्डर पर जहां बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। वहीं किसानों के पड़ाव के साथ-साथ शहरी और बाहरी क्षेत्रों में भी अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
वाहन चालक दिल्ली में जाने के लिए होते हैं परेशान
हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करने के लिए मुख्यत: दो बार्डर लगते हैं। इनमें एक टीकरी तो दूसरा झाड़ोदा बॉर्डर शामिल हैं। टीकरी बॉर्डर तो पिछले 72 दिनों से पूरी तरह सील है। झाड़ोदा बॉर्डर पहले खुला था, 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद इसे भी पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऐसे में दिल्ली में जाने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बाहर से आने वाले लोगों को। शुक्रवार को झाड़ोदा बॉर्डर पर पहुंचे कई ऐसे वाहन चालकों को सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों से दिल्ली में जाने के लिए रास्ता पूछना पड़ा।
कच्चे रास्तों से जारी है दिल्ली में प्रवेश
बहादुरगढ़ सीमा से सटे झाड़ोदा बॉर्डर के नजदीक कच्चे रास्ते से दिल्ली में आवागमन हो रहा है। जिन लोगों को यह रास्ता पता नहीं होता, वे यहां से वापस ही लौट जाते हैं। निजामपुर और कानोंदा-जोनती बार्डर भी कई दिनों से खोले गए हैं। यहां से भी लोग आवागमन कर रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि झाड़ोदा बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस प्रशासन पूरी तरह से खोल दे तो लोगों को आने-जाने में काफी सहायता मिलेगी।
जरूरी सेवा वाले वाहनों पर नहीं होगी कोई रोक-टोक
किसान नेताओं ने कहा कि 6 फरवरी को चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस, प्राइवेट वाहन में मरीज, दूध और जरूरी सेवाओं के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। वे तो शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन चला रहे हैं, लेकिन सरकार के इशारे पर मामले को तूल देने का कार्य हो रहा है। वे बॉर्डर पर दो माह से अधिक समय ये आंदोलन चला रहे हैं और शांति व्यवस्था बनाते हुए अपनी आवाज उठा रहे हैं।
विभिन्न स्थानों के लिए तैनात किए गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट
किसानों द्वारा 6 फरवरी शनिवार को चक्का जाम की चेतावनी के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसडीएम हितेंद्र शर्मा ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।