बादली। गुलिया खाप तीसा की ओर से धरने का 54वें दिन रविवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ढांसा बॉर्डर पहुंचे। धरने को संबोधित करते उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री का करोड़ों रुपये का कारोबार है। भाजपा सरकार इस व्यापार को पूंजीपतियों के हवाले करने की कोशिश कर रही हैं। ये आंदोलन जितना किसानों का है उससे ज्यादा खरीद कर खाने वालों का भी है। देश का किसान 600 से ज्यादा फसलों को पैदा करता है, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य तो केवल 23 फसलों का ही मिलता हैं।
चढूनी ने कहा कि लगभग 400 करोड़ रुपये हर साल किसानों को कम मिलता है। किसान कर्जे में फंसता जा रहा है। उन्होंने किसानों से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को बदनाम कर रही है, जबकि वे पिछले दो माह से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं। उन्होंने मांग को दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से तीनों कानून को निरस्त करें।
उन्होंने कहा कि तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर सरकार ने किसान आंदोलन को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन किसानों की एकता और आंदोलन में शांति किसानों को मजबूत बना रही है। ढांसा बॉर्डर पहुंचने पर गुरनाम सिंह का गुलिया खाप के अध्यक्ष विनोद बादली ने स्वागत किया और आश्वासन दिया कि वह आंदोलन को पूरी तरह से सफल बनाने में भरपूर सहयोग करते रहेंगे। धरने पर गांव गुढा से ग्रामीण हजारों रुपये की खाद्य सामग्री के साथ पहुंचे। उनका कहना था कि हम तन-मन-धन से किसान आंदोलन के साथ है।
धरने पर पुष्पा देवी के नेतृत्व में शीतल नगर रोहतक से महिलाओं का बड़ा जत्था ढांसा बॉर्डर पहुंचा। उन्होंने कहा कि किसी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। हम हम जीत कर ही वापस जाएंगे। बादली में वीरेंद्र डागर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन, धनखड़ खाप के प्रधान युद्धबीर धनखड़, कादियान खाप के प्रधान बिल्लू कादयान, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश बेनीवाल, सुरेंद्र नागल, एडवोकेट सतवीर दरियापुर, शैलेश मुंडाखेड़ा, सरजीत जहांगीरपुर, कैप्टन सतवीर, नीरज सिलाना, डॉ. रामकुमार, सुरेंद्र गांव खेड़ी जट्ट, सरोज दुजाना, राज्य अध्यक्ष मिड डे मील वर्कर यूनियन, योगिंद्र शास्त्री खेड़का गुज्जर ने धरने को संबोधित किया।