संवाद न्यूज एजेंसी
बेरी। धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर व्यक्ति को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ग्वालिसन निवासी प्रीति की शिकायत पर इस मामले की जांच कर रही है।
ग्वालिसन निवासी प्रीति ने पुलिस को शिकायत दी है कि ग्वालिसन निवासी विनोद ने उसके पति मुकेश के साथ धोखाधड़ी एवं जालसाजी करके गांव ग्वालिसन स्थित एक एकड़ जमीन अपनी पत्नी विमलेश देवी के नाम करवा दी। इसके लिए विनोद ने उसके पति को तीन चैक दिए थे। इसमें से दो चैक तो उसके पति के खाते में क्लीयर हो गए थे, लेकिन तीसरे चैक का अता-पता नहीं चला। उसे आशंका है कि तीसरा चैक विनोद ने उसके पति से वापिस ले लिया था और विनोद ने उसके पति को आश्वासन दिया था कि बकाया राशि रजिस्टरी के तुरंत बाद दे देगा। लेकिन विनोद ने समय से पहले उसके पति पर दबाव बनाकर जमीन की रजिस्टरी अपनी पत्नी विमलेश देवी के नाम करवा ली और बकाया राशि नहीं दी। यह जमीन काफी महंगी है, इसमें बिजली का ट्यूबवेल कनेक्शन भी है। इसका सौदा 23 लाख रुपये में हुआ था, लेकिन विनोद ने भूपेंद्र के साथ मिलीभगत, जालसाजी एवं धोखाधड़ी करके औने-पौने दाम केवल 19 लाख 30 हजार रुपये में ही यह जमीन उसके पति से अपनी पत्नी के नाम लिखवा ली। बकाया पैसे मांगने पर बुरा अंजाम भुगतने, जान से मारने व उसके पति की डेयरी पर कब्जा करने की धमकी दी गई। इसके चलते उसके पति को मानसिक आघात पहुंचा। जब उसने अपने पति से परेशानी का कारण पूछा तो उसके पति ने यह सारी बातें बताई थी। आरोपियों के तंग करने व जमीन की पूरी कीमत नहीं देने की वजह से उसके पति मुकेश ने 15 अक्तूबर को फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर विनोद, विमलेश और भूपेंद्र के खिलाफ केस दर्ज किया है।
ये भी लगाए आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि जिस दिन उसके पति ने फांसी लगाई थी, उस दिन पुलिस को भी विनोद ने फोन करके सूचना दी थी। उसके पति मुकेश की तलाशी भी विनोद ने ही ली थी। जब सभी लोग उसके पति को पोस्टमार्टम के लिए ले गए, तब विनोद वहीं डेयरी में ही रुक गया और पीछे से उसके पति की अलमारी में रखे हुए कागजात गायब कर और अपने आपको बचाने के लिए सबूत मिटा दिए। महिला ने आरोपियों से उसे तथा बच्चों की जान माल का खतरा बताया है।