बहादुरगढ़। अवैध खनन में संलिप्त पाए गए वाहनों के मामले में खनन विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। पर्यावरण क्षति पूर्ति शुल्क यानी जुर्माना न भरने पर विभाग ने पांच वाहन मालिकों पर केस दर्ज कराया है। हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो रोहतक ने मामले में तफ्तीश शुरू कर दी है। मामला बहादुरगढ़ के गांव बामनोली से जुड़ा है।
हाल ही में बामनोली में टीम ने दस्तक देकर दो मामलों में तीन वाहनों को कब्जे में लिया था। खनन विभाग की टीम ने लाइनपार थाना पुलिस टीम के साथ 14 सितंबर को अवैध खनन की रोकथाम के लिए छापेमारी की थी। तब बामनोली से ट्रैक्टर और जेसीबी को अवैध खनन में पकड़ा गया था। इनमें से जेसीबी का मालिक सतीश है। जबकि ट्रैक्टर-ट्रॉली की मालिक सतीश की पत्नी व जोगेंद्र है। टीम द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़कर लाइनपार थाना में सौंपा गया था। इस संबंध में खनन विभाग की ओर से वाहन मालिकों पर चार लाख 34 हजार का जुर्माना लगाया गया था। यह क्षतिपूर्ति शुल्क सरकारी खजाने में जमा करवाने के आदेश थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में खनन विभाग द्वारा वाहनों की नीलामी कराई जाएगी। इस पर खनन विभाग द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो की ओर से आईपीसी 379 व माइंस मिनरल्स डेवलेपमेंट रेगुलेशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। दूसरी ओर खनन विभाग की टीम ने 29 अगस्त को भी बामनोली गांव के बस स्टैंड के नजदीक चेकिंग की थी। यहां से एक ट्रक को अवैध खनन में पकड़ा गया था। ट्रक का मालिक गढ़ी सांपला निवासी संजय कुमार और चालक बिहार निवासी छोटू सिंह मिला था। टीम द्वारा ट्रक को पुलिस को सौंपा गया था। साथ ही जुर्माना की राशि चार लाख 26 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन ट्रक मालिक द्वारा यह राशि जमा नहीं कराई गई। इस पर उसके खिलाफ भी केस दर्ज किया गया।