गर्मी में आंखों को बहुत परेशानी होती है। तेज धूप और तेज हवा के कारण धूल-मिट्टी के कण आसानी से आंखों में जा सकते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आंखों में तकलीफ नहीं बढ़े तो सावधानी जरूर रखें। सिविल अस्पताल में इन दिनों आंखों की जांच के लिए रोजाना सौ से अधिक लोग आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी की जरूरत और बढ़ रही है। गर्मी का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। पारा 40 के पार जाने से दोपहर सूनी होने लगी हैं। बाजारों में 12 बजे से 4 बजे तक गर्मी का असर साफ देखने को मिलता है। ऐसे में लोग बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं।
हालांकि गर्मी के चलते लोगों को परेशानी हो रही है। गर्मी में आंखों के लिए सावधानी जरूरी है। झज्जर शहर की बात करें तो छारा चुंगी और सांपला रोड पर धूल वाहनों के आवागमन से उड़ती है उससे आंखों में मिट्टी ज्यादा जाती है। इस समय खेतों में भी काम हो रहा है और हवा में भी धूल के कण हैं। ऐसे में आंखों को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
कैसे करें बचाव
आंखों को बचाने के लिए सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं। वाहन चलाते हुए चश्में पहनना बहुत जरूरी है। चूंकि वाहन चलाते कच्चे मार्ग से धूल उड़ती है तो सामने का वाहन भी दिखाई देेने में दिक्कत होती है। ऐसे में चश्में बहुत मदद करते हैं।
बढ़ रही है ओपीडी
आंखों में जलन, आंखों में अन्य समस्याएं होने के कारण इन दिनों ओपीडी में भी बढ़ोतरी हो रही है। सिविल अस्पताल झज्जर की बात करें तो यहां सामान्यत: 100 से अधिक लोगाें की ओपीडी होती है, मगर पिछले कुछ दिनों में इसकी संख्या में 5 से 10 की बढ़ोतरी हो रही है। इसी प्रकार निजी चिकित्सकाें के यहां भी ओपीडी में बढ़ोतरी हो रही है।
ये बोले आंख रोग विशेषज्ञ
आंख रोग विशेषज्ञ डॉ सुधीर दत्ता ने कहा कि गर्मी में आईफ्लू होने का तो खतरा रहता है साथ ही अन्य कारणों से आंखों में इंफेक्शन हो सकता है। जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। बचाव के लिए दिन में तीन चार बार आंखों को पानी से धोएं। जिसके चलते आंखों का लचीलापन बरकरार रहेगा और आंखोें की रोशनी बरकरार रहेगी।