झज्जर। राजकीय स्कूल के परीक्षा केंद्र से परीक्षा देकर लौट रहे एसडी स्कूल छपार के करीब 18-20 छात्र सड़क हादसे में घायल हो गए। इनमें गंभीर रुप से घायल 15 छात्रों को पीजीआई में रेफर कर दिया गया। वहीं पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर हालात को संभाला।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल छपार की स्कूल बस में 12वीं कक्षा के छात्र परीक्षा देकर वापस अपने घरों को लौट रहे थे। रेवाड़ी राजमार्ग पर बस अभी सिलाना गांव के पास पहुंची ही थी कि एक ट्रक चालक ने बस की साइड दबा ली, जिसके चलते बस अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित होकर बस डिवाइडर क्रॉस करते हुए दूसरी तरफ से आ रहे ट्रैक्टर में जा टकराई। हादसे के दौरान बस में सवार करीब 18-20 स्कूली छात्र घायल हो गए। इन्हें एंबुलेंस और निजी वाहनों की सहायता से सरकारी अस्पताल में लाया गया। जहां पर गंभीर हालात को देेखते हुए 15 छात्रों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। वहीं बाकी छात्रों का अस्पताल में इलाज जारी है। पीजीआई रोहतक रेफर किए गए छात्रों में अजय, भानू, कंवरसिंह, राजेश, अवनीश, चंद्रशेखर, दीपक, प्रीति, महिमा, सुुजाता, मोहित, महेश, दीपक शामिल हैं।
एक डॉक्टर के सहारे चला इलाज
इमरजेंसी के समय जिस प्रकार का इलाज सामान्य अस्पताल में मिल पाता है यह बात तो जगजाहिर है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इस छवि को सुधारने का प्रयास नहीं करते। मंगलवार को शाम के समय हुए इस हादसे के दौरान इमरजेंसी में तैनात डॉ. आदित्य अकेले घायलों का इलाज करने और रेफर करने में जुटे रहे। अकेले होने के चलते डॉ. आदित्य कभी घायलों को संभाल रहे थे तो कभी रेफर स्लिप बना रहे थे। इसी बीच काफी समय लग गया और कई छात्रों की हालत बिगड़ गई। डॉ. आदित्य से जब इस बारे में बात की गई तो उंहोंने बताया कि आलाअधिकारियों को सूचना तो दी गई थी लेकिन अचानक से कोई मौके पर नहीं पहुंच पाया।
अस्पताल में मच गई अफरा-तफरी
बच्चों के घायल होने और हादसे की खबर लगने पर सरकारी अस्पताल में लोगों का जमावड़ा लग गया। कुछ बच्चों के परिजन तो उनके रेफर होने के बाद यहां पहुंचे, जो बाद में रोहतक के लिए चले गए। सरकारी अस्पताल में इस दौरान सदर थाना पुलिस ने हालात को संभाला। वहीं एसएचओ सुरेंद्र सिंह अस्पताल में मौजूद रहे।
पहुंची बाल संरक्षण आयोग की टीम
मंगलवार को दिन में स्कूली बसों को चेक कर रही बाल संरक्षण अधिकार आयोग की टीम को जब हादसे की खबर लगी तो टीम के सदस्य अस्पताल में पहुंचे। टीम सदस्य बीके गोयल ने सरकारी अस्पताल में पहुंचकर बच्चों को हालचाल जाना और पीजीआई में भी अपनी टीम के सदस्यों को भेजा।
बड़े हादसे के बावजूद नहीं आए स्वास्थ्य अधिकारी
बड़े हादसे में 20 स्कूली छात्रों के घायल होने की खबर पर भी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचना जरूरी नहीं समझा। जब करीब शाम सात बजे बाल संरक्षण अधिकारी आयोग के सदस्य बीके गोयल ने सीएमओ रमेश धनखड़ को फोन किया तो वे पहुंचे। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो शहर से बाहर गए हुए थे।
वर्जन
एसएचओ सुरेंद्र ने बताया कि हादसे को लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।