20 मार्च को संसद कूच के दौरान जरूरत पड़ने पर दिल्ली को सील करने की ट्रेनिंग कमेटी के 11 सदस्यों को रोहतक में दी जाएगी। ट्रेनिंग लेने के बाद कमेेटी के सदस्य धरनारत जाट समुदाय के लोगों को इसके बारे में समझाएंगे। यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला प्रधान जितेंद्र धनखड़ ने कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच को लेकर तैयारियों पर पूरा फोकस किया जा रहा है। दिल्ली से वे खाली हाथ नहीं लौटना चाहते इसलिए तैयारियों में कोई चूक नहीं रहने दी जाएगी। धनखड़ ने कहा कि कमेटी हर गांव में अगले एक या दो दिन में दिल्ली कूच का प्रचार शुरू करेगी। दिल्ली कूच के दौरान महिलाएं कुछ संख्या में ही उनके साथ रहेंगी बाकी महिलाएं धरनों की कमान संभाले रखेंगी। उन्होंने कहा जाट समाज में दिल्ली कूूच को लेकर पूरा जोश है। इसका परिणाम है कि दिल्ली कूच के लिए अभी तक करीब 2 हजार ट्रैक्टरों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली कूच में युवा सबसे अधिक संख्या में दिखाई देंगे। धनखड़ ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है। अगर सरकार साफ मन से होती तो 36 बिरादरी के लोगों को यूं 36 दिन तक धरनों पर नहीं बैठना पड़ता।