झज्जर। जिले में मंगलवार को तीन स्थानों पर 17 लोगों की चिताएं जली। इनमें 11 लोगों का अंतिम संस्कार बहादुरगढ़ की श्मशान भूमि में, 5 लोगों का झज्जर और एक व्यक्ति का बेरी की श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया है। हैरानी की बात यह है मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर जारी सूची में इसका कोई जिक्र नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है फिलहाल प्रशासन की ओर से गठित कमेटी इसकी जांच करेगी कि उनकी मौत कोरोना से हुई है या नहीं उसके बाद ही इनको विभागीय मृतकों की सूची में जोड़ा जाएगा। जिले के कोरोना से मरने वाले लोगों की सूची में फिलहाल तक 108 मृतक ही दर्शाए जा रहे हैं।
मंगलवार को परिवार के लोग अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी व अन्य सामान लेकर पहुंच रहे थे। उनके शव श्मशान भूमि में पहुंचने के बाद नगर परिषद व नगर पालिका के कर्मचारी उनका अंतिम संस्कार कर रहे हैं। निर्धारित नियमानुसार नगर परिषद व नगर पालिका के कर्मचारी पीपीई किट पहनकर शवों का अंतिम संस्कार श्मशान कर रहे थे। अपनों की चिताएं जल रही थी और परिवार के लोग दूर खड़े देख रहे थे। उनके परिवार के लोग दूर खड़े आंसू बहाते हुए अपनों की चिताएं जलते देख रहे थे, लेकिन कोरोना के कारण वे अपने परिवार के लोगों का अंतिम दर्शन तक नहीं कर पा रहे।
झज्जर व बहादुरगढ़ नगर परिषद और बेरी नगर पालिका के कर्मचारियों ने 17 लोगों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रॉटोकॉल के तहत किया गया है।
- अरुण नांदल, ईओ नगर परिषद, झज्जर।
जिन लोगों की मौत हुई है उनके संबंध में फिलहाल प्रशासन की तरफ से गठित की गई कमेटी जांच करेगी। उनकी मौत कोरोना से हुई है तो उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मृतकों की सूची में शामिल किया जाएगा। इनमें झज्जर जिले के भी मृतक हैं और बाहर के भी।
- डॉ. रणवीर सिंह, नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन, झज्जर।