भाई-बहन के अटूट प्रेम पर आधारित भैया दूज पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनक ी दीर्घायु के लिए कामना व्यक्त की तो भाइयों ने उन्हें हर विपत्ति में साथ देने का वायदा कर उन्हें उपहार भी भेंट किए।
शुक्रवार को भैया दूज पर्व था। ऐसे में इसके साथ ही पांच त्यौहारों की लड़ी का भी समापन हो गया। इस पर्व को मनाने के लिए भाई-बहन में खासा उत्साह देखने को मिला।
विवाहितें बहनों ने भाई के घर आकर जहां उनके माथे पर तिलक किया तो अविवाहित व छोटी बहनों ने भी अपने भाईयों को तिलक कर उनकी लंबी आयु व स्वस्थ जीवन की कामना भी की।
शादीशुदा काफी बहनें तो एक दिन पहले ही पर्व को मनाने के लिए मायके आ गई थी। कई भाई जिनकी बहनें किन्हीं कारणों के चलते नहीं आ सकी तो वे स्वयं बहन के घर जाकर तिलक करवाने गये।
खूब बिके गोले, मिठाई
भैया दूज पर्व पर गोले व मिठाइयों की खूब बिक्री हुई। बहनों ने भाईयों को तिलक कर उन्हें गोले भेंट किए तो भाईयों ने उन्हें उपहार के तौर पर कई चीजें दी।
बहनों ने भाईयों को तिलक कर ही अन्न, जल लिया। मिष्ठान की व अन्य कई तरह की दुकानों पर खूब गहमा-गहमी रही। भैया दूज के चलते गोले का भाव 230 से लेकर 300 रुपये तक रहा।
गोलों की बिक्री की डिमांड को देखते हुए दुकानदारों ने पहले ही अधिक माल का स्टाक किया हुआ था। किरयाणा की दुकानों के अलावा बाहर व शहर की कई कालोनियों में जगह-जगह गोले-कूजे बिकते दिखाई दिए।