झज्जर। जिले के गांव सिलानी निवासी अरमान चाहर ने थाईलैंड में अंडर-15 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया। गांव पहुंचने पर अरमान का रविवार को ग्रामवासियों ने स्वागत किया। थाईलैंड में 27 जून से पांच जुलाई तक अंडर-15 व अंडर-20 एशियन कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन किया गया।
अरमान चाहर ने अंडर-15 आयु वर्ग के 68 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लिया। अरमान को अपने पहले ही मुकाबले क्वालीफिकेशन में 6-3 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद रिपिचेज मुकाबले में अरमान ने 10-0 से जीत दर्ज की। इसके बाद कांस्य पदक मुकाबले में भी 10-0 से प्रतिद्वंद्वी को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
अरमान चाहर को खुली जीप में बैठाकर गांव में घुमाया गया। गांव में लोगों ने अपने होनहार बेटे पर गर्व जताया। अरमान के साथ उनके कोच सहदेव सिंह बालियान और दीपक चाहर का भी ग्रामीणों ने स्वागत किया। अरमान चाहर ने कहा कि उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना था। हालांकि इस बार कांस्य पदक मिला है लेकिन जहां कमी रह गई है उसे दूर कर अगली प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने का पूरा प्रयास करेंगे।
वहीं भावुक पिता संजय चाहर ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और पूरा विश्वास है कि अरमान आने वाले समय में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन करेगा। माता राजेश ने भी बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह अरमान की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। उन्हें पूरा विश्वास है कि एक दिन उनका बेटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।
अरमान के कोच सहदेव सिंह बालियान और दीपक ने कहा कि खिलाड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जो छोटी-छोटी कमियां रह गई हैं उन्हें दूर करने के लिए और अधिक मेहनत की जाएगी। अब उनका अगला लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना है। अरमान ने इस अवसर पर अपने शुरुआती प्रशिक्षण देने वाले अखाड़े के संचालक और सभी गुरुओं का भी आभार व्यक्त किया।
घर पहुंचकर भावुक हुए अरमान
गांव सिलानी में अपने घर पहुंचकर अपनी दादी को पदक पहनाते हुए अरमान चाहर भावुक हो गए। घर पहुंचने के बाद परिवार के सदस्यों ने अरमान की आरती उतारी। घर पहुंचने पर दादी और पोते की भावुक मुलाकात ने सभी की आंखें नम कर दीं।
12jjrp12- झज्जर। गांव सिलानी में सम्मान समारोह के दौरान खिलाड़ी अरमान। संवाद