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विजिलेंस टीम ने नकली मोहर बनाने वाले युवक को नोएडा से किया गिरफ्तार

Sun, 26 Jun 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
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crime - फोटो : Bureau
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फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में विजिलेंस टीम ने विभाग की नकली मोहर बनाने वाले दो युवकों को नोएडा से गिरफ्तार किया है। कैफे संचालक विकास गुड़गांव निवासी भूपेेंद्र के जरिए नकली मोहरें बनवाता था। विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार देर शाम नोएडा सेक्टर 62 से दोनों आरोपियों को काबू किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया।
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जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि पकड़े गए कैफे संचालक विकास कैफे में फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों के अलावा फर्जी डिग्रियां व आईटीआई के डिप्लोमा सर्टिफिकेट भी बनाता था। पुलिस अभी तक इस पूरे मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार चुकी है। नकली मोहर बनाने वाले युवक ने अपना नाम लखन लाल बताया है उल्लेखनीय है कि बुधवार को पासपोर्ट हेतु जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पालिका बाजार स्थित साइबर कैफे के मालिक विकास द्वारा चार हजार रुपये की फीस मांगे जाने की बात कही।
 
मामले के शिकायतकर्ता सन्नी ने बताया था कि इस तय राशि से 2500 रुपये की राशि पहले ही दलाल मोहित के कहने पर उसे दे चुका था। बची हुई 1500 रुपये की राशि अभी बकाया थी। मामले पर कार्रवाई करते हुए करते हुए इसकी स्थानीय विजिलेंस टीम इंस्पेक्टर ने इसकी सूचना रोहतक आला अधिकारियों को दी गई थी। विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता सन्नी से जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए दोषियों द्वारा मांगी जा रही 1500 रुपये की राशि पर अपने साइन करके व उन पर फिनोल पैथालीन पाउडर डालकर दोषियों को देने के लिए दे दिए थे जिसके बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए टीम सदस्य नायब तहसीलदार जगदीश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट व ग्वाह कानूनगो सुभाष के साथ संबंधित साइबर कैफे पहुंचे थे। जहां सन्नी ने पाउडर लगे 1500 रुपये विकास को देकर उससे अपना जन्म प्रमाण पत्र मांगा था।
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विकास उक्त राशि लेते हुए जन्म प्रमाण पत्र उसे दे दिया था। विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस धोखाधड़ी के दूसरे दिन पुलिस ने मामले में संलिप्त तीनों लोगों को अदालत में पेश किया था। जहां से मोहित व संदीप को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया था और साइबर कैफे मालिक को पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड अवधि पर लिया गया था।
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