शहर के कुछ लोगों ने एक चिट फंड कंपनी पर हजारों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। लोगों का आरोप है कि स्कीम के तहत कंपनी ने उनसे पूरे रुपये ले लिए, लेकिन उन्हें जमा राशि वापस नहीं दी। पीड़ित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले की शिकायत दी।
बहादुरगढ़ में नजफगढ़ रोड स्थित एक चिटफंड कंपनी का ऑफिस है। करीब डेढ़ वर्ष पहले सब्जी मंडी में दुकानदार सुनील कुमार, ठाकुर दास सहित अन्य कई लोगों ने इस कंपनी में अकाउंट खुलवाया था। योजना के तहत इन लोगों को 15 महीने में 45 हजार रुपये जमा कराने थे। जिसके बदले में समय पूरा होने पर कंपनी इन्हें 48 हजार रुपये वापस करती। योजना का समय पूरा होने के बाद भी इन लोगों को अपनी जमा राशि नहीं मिल पाई है। एक महीना बीत जाने के बाद भी पैसे न मिलने से ये लोग बेहद परेशान हैं। मंगलवार को सुनील और ठाकुरदास गारंटर प्रमोद को साथ लेकर सिटी थाने पहुंचे। यहां पुलिस को शिकायत देकर उक्त कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित बोले
सुनील कुमार ने बताया कि वर्ष 2016 की शुरुआत में उन्होंने व उनके कुछ जानकार लोगों ने उम्मीद एक कंपनी में अकाउंट खुलवाया था। उक्त कंपनी ने उस समय 15 महीने तक 45 हजार रुपये देकर 48 हजार रुपये देने का वायदा किया था। इस तरह से रोजाना उनसे 100 रुपये लिए जाते थे। 19 अप्रैल को 15 महीने पूरे हो गए। समय पूरा होने के बाद जब उन्होंने कंपनी से अपनी जमा राशि मांगनी चाही, तो कंपनी ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। जब भी जाते, नई तारीख देकर टरका दिया जाता। रुपये न मिलने पर उन्होंने गारंटर प्रमोद से बात की।
जब प्रमोद की कंपनी पदाधिकारियों से बात हुई तो कंपनी के अधिकारियों ने 15 दिन का समय मांगा। अब यह समयावधि भी पूरी हो चुकी है। निर्धारित समय से एक महीने से ज्यादा समय होने के बावजूद उन्हें अपने रुपये नहीं मिल पाए हैं। अब जब भी बहादुरगढ़ ऑफिस में जाते हैं तो कोई अधिकारी नहीं मिलता। रुपये कलेक्ट करने वाले कर्मचारी कहते हैं कि उनका काम तो मार्केट से रुपया उठाना है, आप अधिकारियों से संपर्क करें। इस संबंध में जब कुंडली स्थित कंपनी के कार्यालय में संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन नंबर गलत पाया। मंगलवार को वे फिर से कार्यालय में गए तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वर्जन
शहर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने कहा कि पीड़ितों ने एक कंपनी पर हजारों की धोखाधड़ी कर पैसे हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।