नगर परिषद में अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर कई वार्डों के पार्षद लामबंद हो गए हैं। समय पर लोगों के काम न होने व विकास कार्यों में अधिकारियों की अनदेखी को लेकर सोमवार को परिषद कार्यालय में पार्षदों ने अधिकारियों को खूब खरी-खरी सुनाई। चेयरपर्सन शीला राठी ने भी अधिकारियों को हिदायत दी कि वे जनता के कार्यों के प्रति सजग रहें। साथ ही आमजन की समस्याएं निपटाने के लिए कार्यालय में पर्याप्त समय दें।
शहर के विकास एवं अन्य कार्यों का जिम्मा पार्षदों का होने के कारण जनता से जवाबदेही करनी पड़ रही है। लेकिन अधिकारियों की मनमानी के आगे पार्षद भी बेबस नजर आ रहे हैं। लंबे समय से विकास कार्यों के लिए लगाए जा रहे टेंडरों में लगातार हो रही देरी के लिए पार्षदों ने अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही अधिकारियों पर सत्ता पक्ष के इशारे पर काम करने के आरोप भी लगाए हैं। पार्षदों ने अधिकारियों को चेताया है कि वे परिषद बोर्ड के निर्णयों के अनुसार ही कार्य करें, मनमानी न करें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई करवाने से पीछे नहीं हटेंगे। वाइस चेयरमैन विनोद कुमार, पार्षद युवराज छिल्लर, पूर्व चेयरमैन रवि खत्री, पार्षद पति राजेश खत्री, गजानंद गर्ग, रिंकू गोयल व सुरेंद्र चुघ समेत कई पार्षदों ने आरोप लगाया कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सुन नहीं रहे हैं। ऐसे में उनके वार्डों में विकास कार्यों में देरी हो रही है।
सचिव की कार्यशैली को लेकर उठाए सवाल
पूर्व चेयरमैन रवि खत्री ने नगर परिषद सचिव मुकेश कुमार की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सचिव अक्सर कार्यालय में मिलते नहीं। लोग विभिन्न कार्यों को लेकर आते हैं लेकिन लोगों के बार-बार चक्कर काटने के बाद भी काम नहीं हो रहे। कई काम ऐसे होते हैं जिन पर सचिव के ही हस्ताक्षर होते हैं लेकिन सचिव भूले बिसरे ही अपने कार्यालय में मिलता है। इसकी शिकायत भी आला अधिकारियों की की जाएगी।
अधिकारियों को आफिस में समय देने के निर्देश
चेयरपर्सन शीला राठी ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि वे जनता के काम के लिए बहाने न बनाएं और सुबह कार्यालय खुलने से लेकर दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहें ताकि यहां कामकाज के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। फील्ड के काम के बहाने फरलो मारने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।