कांवड़ पहुंचने की खुशी में झूमते हुए कांवड़ियों के परिजन
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श्रावण मास की शिवरात्रि के त्योहार को मनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पुजारियों द्वारा मंदिरों को सजाया गया है। जबकि जिला के साथ लगते बाघोत गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में शिवरात्रि मेला शुरू हो गया है और जलाभिषेक का दौर भी शुरू हो चुका है। इस मंदिर में शिवरात्रि शिव चार दिन पूर्व ही नवमी से जलाभिषेक का दौर शुरू हो जाता है। खड़ी कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु भी एकादशी को ही लगभग कांवड़ चढ़ा देते हैं। क्योंकि उसके बाद डाक कांवड़ियों का दौर भी शुरू हो जाता है और कांवड़ियों की भीड़ अधिक होने की वजह से एकादशी को कांवड़ चढ़ा दी जाती है। झज्जर जिले के बिरधाना गांव में शिवलिंग जलाभिषेक शुरू हो जाता है। मध्यरात्रि के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू हो जाएगा। वहीं दोनों स्थानों पर विशाल मेलों का भी आयोजन किया जाएगा। बाघोत गांव में भगवान शिव के मंदिर पर शिवरात्रि मेला शुरू हो चुका है। बिरधाना गांव में आज मेले का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा शहर के बाबा प्रसाद गिरी के मंदिर, बाबा काशीगिरि मंदिर, सेठ वाले मंदिर के अलावा शहर के अधिकांश शिव मंदिरों में कांवड़िए जलाभिषेक करेंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह ही लाइनों में लगकर जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ सहायता शिविर भी होंगे संपन्न : जिला घर में कांवड़ियों की सहायता के लिए लगाए गए सहायता शिविर भी शिवरात्रि के दोपहर तक संपन्न हो जाएंगे और मंदिरों में हवन के साथ पूजा-अर्चना का दौर शुरू होगा। श्रद्धालुओं ने भी शिवरात्रि का व्रत रखने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं अधिकांश कांवड़िए भी अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं।