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धड़ल्ले से बिक रहे तंबाकू उत्पाद, एक साल में कोई चालान नहीं

Thu, 01 Jun 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
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एक दुकान में रख्‍ाे तंबाकू - फोटो : amar ujala
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तंबाकू निषेध कानून लागू होने के बाद भी शहर में गुटखा, खैणी और सिगरेट जैसे तंबाकू उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। हालांकि इनकी बिक्री व सार्वजनिक स्थान पर सेवन करने पर जुर्माने का प्रावधान है, मगर किसी का कोई चालान नहीं होता। यही कारण है कि लोग सार्वजनिक स्थानों पर भी सरेआम इनका सेवन करते देखे जा सकते हैं।
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शहर में बस अड्डा हो या रेलवे स्टेशन या फिर अन्य सार्वजनिक स्थान, सभी जगहों पर लोग खुले में नशा करते देखे जा सकते हैं।
लोगों को जागरूक करने के लिए कई स्थानों पर धुम्रपान निषेध बोर्ड भी लगे हैं। लेकिन ये बोर्ड कारगर साबित नहीं हो रहे। युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है। स्कूलों के 100 मीटर एरिया तक तंबाकू उत्पाद बेचने पर पाबंदी हैं। मगर बहादुरगढ़ में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता। यहां शहरी क्षेत्र में सरकारी हो या निजी, लगभग हरेक स्कूल के आसपास गुटखा एवं सिगरेट की बिक्री होती है। स्कूल तो छोड़िए, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और यहां तक की पुलिस थानों के बाहर भी तंबाकू उत्पादनों की बिक्री खूब होती है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं इन क्षेत्रों में सिगरेट, गुटखा आदि के सेवन करने पर पिछले एक साल में एक भी चालान नहीं हुआ है।

झज्जर में हुए चालान, बहादुरगढ़ में नहीं
झज्जर शहर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 मई 2016 से लेकर 29 मार्च 2017 तक छह लोगों पर कार्यवाही की गई। इस कार्यवाही में कुछ दुकानदारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट एवं तंबाकू पदार्थ का सेवन करने पर लोगों से 13 हजार 400 रुपये का जुर्माना वसूला गया। मगर बहादुरगढ़ शहर में पिछले एक-डेढ़ साल में ऐसी कोई कार्यवाही नहीं हुई है जबकि झज्जर के मुताबिक, बहादुरगढ़ शहर में झज्जर से कहीं ज्यादा आबादी है और यहां आबादी का एक बड़ा हिस्सा मजदूर तबके का है, जो खैणी एवं अन्य तंबाकू पदार्थाें का सेवन करते हैं।
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इन्होंने छोड़ा नशा
शांति मंदिर कॉलोनी में रहने वाले प्रेम काठपालिया इंसां ने बताया कि वे पहले दिनभर में 40 से अधिक बीड़ी पी जाते थे। एक तरह से यह उनकी आदत बन गई थी। जिस कारण सेहत भी खराब रहने लगी थी। वर्ष 2000 में वे डेरा सच्चा सौदा सिरसा संस्था के संपर्क में आए। करीब एक महीना सिरसा स्थित डेरे में रहे और सेवा की। धीरे-धीरे उनकी धूम्रपान की आदत छूट गई। अब वे किसी भी तरह का नशा नहीं करते। प्रेम इंसां अब दूसरों को भी नशे से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। इसी का परिणाम है कि उनसे जुड़े करीब 150 लोग बीड़ी-सिगरेट छोड़ चुके हैं।

जल्द होगी छापेमार कार्यवाही
विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। बुधवार को भी जिले के सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यक्रम हुए जहां स्वास्थ्य कर्मियों एवं आमजनों को तंबाकू उत्पादों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बहादुरगढ़ नागरिक अस्पताल के अधिकारियों को भी इस दिशा में कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। अब जल्द ही बहादुरगढ़ में दुकानों में छापामार कार्यवाही होगी। सार्वजनिक स्थानों पर भी इनका सेवन करने वालों से जुर्माना लगाया जाएगा।
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-डा. राजेश सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन, झज्जर

 
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