05जेएनडी08 : आरसीआई के तीन दिवसीय सीआरई के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए
- फोटो : शहर के मेडिकल कॉलेज चौराहे के पास लगा जाम।
जींद। भिवानी रोड स्थित दर्पण रिहेबिलिटेशन एंड रिसर्च सेंटर में बौद्धिक अक्षमता वाले व्यक्तियों के पारिवारिक मुद्दे विषयक तीन दिवसीय जोनल लेवल सतत् पुर्नवास शिक्षा कार्यक्रम का समापन हुआ। मुख्यातिथि डॉ. सिद्धार्थ पोखरियाल ने कहा कि दिव्यांगों के जीवन को कौशल सिखाने की बेहतर नीतियां बननी चाहिए।
इस कार्यक्रम में दिव्यांग के जीवन के वयस्कता संबंधित पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। इसमें कई प्रदेशों से प्रतिभागी शामिल हुए। संस्थान निदेशक डॉ. आशुतोष ने मुख्यातिथि का स्वागत किया। पोखरियाल ने कहा कि बौद्धिक अक्षमता वाले लोगों के सामने दैनिक जीवन में चुनौतियां हैं। उनको अपनी स्थिति की प्रकृति के कारण सामाजिक अलगाव का सामना करना पड़ता है।
संवाद करने, सामाजिक संकेतों को समझने और संबंध बनाने में कठिनाई के कारण सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी सीमित हो सकती है। कई वयस्क अपने साथियों और समुदाय से अलग महसूस कर सकते हैं। इसके लिए हमें परिवार और दिव्यांग को विशेष मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
इस अवसर पर दर्पण सोसाइटी के सदस्य डॉ. राजेश्वर, अर्चना, डॉ. आशुतोष, कोऑर्डिनेटर अमित, सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह, लेक्चरर दीप्ति, मीनू शर्मा, रीतू, मुख्तियार सिंह, वरुण गर्ग आदि मौजूद रहे।