बेरी-बिसाहन मार्ग पर अज्ञात कारणों से खेतों में आग लगाने से किसानों की 50 एकड़ से ज्यादा फांस जलकर राख हो गई। खेतों में काम कर रहे किसान आग पर काबू पाने के लिए पानी की टंकियां लेकर पहुंच गए। आगजनी की घटना में करीब दर्जन भर किसानों के 50 एकड़ से ज्यादा फांस जलकर राख हो गए। खेतों में आग लगाने की सूचना किसानों ने तुरंत फायर बिग्रेड विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद बेरी पालिका में मौजूद गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग का विकराल रुप देखते हुए 2 गाड़ियां झज्जर से भी बुलानी पड़ी। आग इतनी ज्यादा फैल गई थी कि तीन गाड़ियों से भी आग पर काबू नहीं पाया गया। जिसके बाद एक गाड़ी रोहतक से बुलानी पड़ी और आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि आग की लपटें कबूलपुर की तरफ से आई थी और बिसाहन के खेतों में फांस में आग लग गई। जिससे किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है।
इन किसानों की जली फांस
रविवार को बिसाहन मार्ग पर अज्ञात कारणों से खेतों में आग लगाने से गोच्छी निवासी नरेश 2 एकड़ फांस, गोच्छी निवासी रविन्द्र 3 एकड़ फांस, गोच्छी निवासी 6 एकड़ फांस, कबूलपुर निवासी काले 5 एकड़ फांस, बिसाहन निवासी समुंद्र 15 एकड़ फांस, बेरी निवासी विजय 10 एकड़ फांस, बिसाहन निवासी विजय 4 एकड़ फांस, कबूलपुर निवासी रविन्द्र 18 एकड़ फांस वहीं गांव बिसाहन निवासी महाबीर का 2 एकड़ तूड़ा, बिसाहन रोहताश 1 एकड़ तूड़ा, बिसाहन निवासी 1 एकड़ फांस आग में जलकर राख हो गए।
बेरी-बिसाहन मार्ग पर खेतों में आग लगाने की सूचना मिली थी और मौके पर गाड़ी को लेकर पहुंचे और आग पर काबू पाने के लिए दो गाड़ी झज्जर से व एक गाड़ी रोहतक से बुलानी पड़ी। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आगजनी की घटना में किसानों की 50 एकड़ से ज्यादा फांस जल गई और कुछ किसानों का तूड़ा भी जलकर राख हो गया।
-अनिल कुुमार, फायरमैन बेरी।