बहादुरगढ़। दिल्ली में चल रहे जी-20 शिखर सम्मलेन के चलते सुरक्षा कारणों से शनिवार को भी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया गया। यात्री बसों को भी पीरागढ़ी से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। लिहाजा यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। बाद में लोग मेट्रो और अन्य माध्यमों से गंतव्यों को रवाना हुए। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे आज और सयंम बरतें। दिल्ली जाने के लिए निजी वाहनों की बजाय मेट्रो का प्रयोग करें। यातायात की यह पाबंदी रविवार मध्यरात्रि तक रहेगी। पंजाब, राजस्थान और यूपी जाने के लिए केएमपी का प्रयोग उपयुक्त रहेगा।
शनिवार को भीकार आदि निजी वाहनों को भी पुलिस ने सुरक्षा जांच के बाद ही दिल्ली जाने दिया। शुक्रवार को हजारों व्यावसायिक वाहन दिल्ली जाने के लिए टीकरी बॉर्डर, झाड़ोदा बॉर्डर व ढांसा बॉर्डर तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें लौटा दिया। इस कारण शनिवार को काफी कम व्यावसायिक वाहन टीकरी बॉर्डर की तरफ बढ़े। इसके बादजूद पुलिस को तीनों सीमा से सैकड़ों व्यावसायिक वाहन लौटाने पड़े। इनमें काफी संख्या में वाहन बहादुरगढ़ में सेक्टर-9 के साथ बाइपास की सर्विस लेन में खड़े हो गए। ये वाहन रविवार की आधी रात को रोक हटने के बाद ही दिल्ली की सीमा में प्रवेश करेंगे। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और उत्तर प्रदेश या राजस्थान जाने वाले सैकड़ों वाहन दिल्ली के बॉर्डरों से मुड़कर कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे होकर अपने गंतव्य तक जाने के लिए निकल गए।
दिल्ली के बॉर्डरों पर दिल्ली पुलिस ने कड़ी नाकेबंदी की है। दिल्ली पुलिस की मदद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान कर रहे हैं। बहादुरगढ़ की सीमा में से हरियाणा पुलिस प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली की तरफ नहीं बढ़ने दे रही। हालांकि इस दौरान फल-सब्जी, दूध-राशन, सीएनजी, एलपीजी गैस वाहन, खाद्य सामग्री, चिकित्सा से संबंधी वाहन ले जाने की अनुमति दी जा रही है। केवल अनुमति पत्र धारक व्यावसायिक वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश दिया गया। इन वाहनों की भी सुरक्षा कर्मियों ने गहन जांच की।
सिरसा, हिसार, फतेहादाद, कैथल, जींद, भिवानी और राजस्थान व पंजाब से दिल्ली जाने के लिए शनिवार को आई कुछ बसें तो दिल्ली पुलिस की अनुमति से पीरागढ़ी तक पहुंच गईं। लेकिन इन शहरों से आई हरियाणा राज्य परिवहन की काफी बसें बहादुरगढ़ से ही लौट गईं। इस बसों से बहादुरगढ़ पहुंचे यात्रियों ने दिल्ली में अपने गंतव्य जाने के लिए मेट्रो में सफर किया।
दिल्ली-हरियाणा के झज्जर जिले की सीमा से लगे तीनों प्रमुख बॉर्डरों के अलावा दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर झज्जर जिला पुलिस ने भी 13 नाके लगाए हैं। ये सुरक्षा कर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। सुरक्षा कर्मी दो पारियों में 12-12 घंटे की ड्यूटी दे रहे हैं। व्यावसायिक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक की वजह से तीनों प्रमुख बॉर्डरों पर दिल्ली नगर निगम के टोल बैरियर का स्टाफ शुक्रवार की शाम 7 बजे के बाद से ही खाली बैठा हुआ है। बहादुरगढ़ यातायात थाना पुलिस प्रभारी देवेन्द्र सिंह के अनुसार अब तक प्राप्त आदेशों के अनुसार, रविवार आधी रात से दिल्ली में भारी वाहनों व हल्के व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक हट जाएगी।