ऑल इंडिया कृषक खेत मजदूर संगठन की ब्लॉक कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर किसानों को लूट कर प्राईवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाना रोककर सरकारी खजाने से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ फसल खराब का मुआवजा देने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों के लाभकारी दाम देना जो लागत से 50 प्रतिशत अधिक हो, सभी गरीब किसानों व खेत मजदूरों के कर्ज खत्म करना, बुढ़ापा पेंशन 3000 रुपये महीना देना, मनरेगा में साल में 10 महीने काम व 500 रुपये दिहाड़ी देना आदि मांगें उठाई गई हैं।
धरने पर बैठे किसान खेत मजदूरों को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि सत्ता में आते ही भाजपा अपने वादों से मुकर गई। न लाभकारी दाम दिए, न खाद-बीज, कीटनाशी, औजार सस्ते किए। न मजदूरों के लिए सालभर काम का प्रबंध किया, न मनरेगा में चालू दिहाड़ी दी। ब्लॉक सचिव जोगेंद्र सिंह कलोई व जिला कमेटी सदस्य अत्तर सिंह सिलाना, आजाद सिंह जौंधी ने कहा कि महंगाई ने देहाती भूमिहीनों व किसानों का जीना दूभर कर रखा है। पढ़ाई, इलाज, बिजली, बस किराये व जरूरत की हर चीज महंगी है। खातों में जबरन बीमे का प्रीमियम काटा जा रहा है। इस अवसर पर ओमबीर झज्जर, जगदीश, सतबीर सिंह बल्हारा, राजपाल शर्मा ने भी किसानों व खेत मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग रखी। जिनमें डीजल-पेट्रोल के दाम कच्चे तेल के मूल्य के हिसाब से आधे करने, पहली से आठवीं तक पास-फेल की नीति लागू करने, गरीबों के आवास का प्रबंध करने आदि शामिल है।