चैंबर की कार्यकारिणी समिति के गठन को लेकर अजीब हालात बन गए हैं। एक तरफ एडहॉक कमेटी कार्यकारिणी सदस्यों के गठन के लिए घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती जा रही हैं।
दूसरी ओर, रामकिशन सिंघल गुट का दावा है कि चुनाव के लिए अतिरिक्त समय दे दिया गया है। इसी के चलते सोमवार को राकिशन सिंघल गुट की तरफ से कोई भी नामांकन दाखिल नहीं किया गया।
घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को दी गई समय सीमा तक एडहाक कमेटी के पास कुल 22 नामांकन आए। इन हालात में एक बार फिर उद्यमियों के दोनों गुट सामने आते नजर आ रहे हैं।
तय चुनाव कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही एडहॉक कमेटी की मानें तो अब इन 22 सदस्यों के नामांकन-पत्रों की 23 जून को जांच होगी। 24 जून तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा।
इसके बाद (आवश्यकता होने पर) चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों में से कार्यकारिणी के 19 सदस्यों के लिए 27 जून को चुनाव होगा।
मगर इस कार्यकारिणी चुनाव कार्यक्रम पर लगातार सवाल उठा रहे रामकिशन सिंघल गुट की तरफ से सोमवार को संस्था के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए तहसीलदार हितेंद्र शर्मा से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई।
उद्यमी विकास आनंद सोनी, सुभाष जग्गा व सुशील गोयल आदि ने कई मुद्दों पर एतराज जताया। इन उद्यमियों का दावा है कि उन्हें दो दिन का समय दिया गया है।
दूसरी तरफ एडहॉक कमेटी सदस्य बलराज पवार का साफ कहना है कि घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्र जमा कराने के लिए सोमवार को अंतिम तारीख रही और तय समय तक 22 के नामांकन-पत्र आए।
अब इन्हीं के आधार पर चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने चुनाव के लिए नामांकन भरने के लिए कोई अतिरिक्त समय दिए जाने से साफ इंकार किया है।
इस बारे में चुनाव पर्यवेक्षक तहसीलदार हितेंद्र शर्मा से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, मगर फोन रिसीव नहीं नहीं हुआ। जिला रजिस्ट्रार बिश्नोई ने किसी बैठक में व्यस्तता का हवाला देते हुए फोन काट दिया।