रोहतक। राजीव गांधी खेल परिसर में बास्केटबॉल कोर्ट की हालत जर्जर है। कोर्ट के पास जंगली घास उगी हुई है और बेंच टूट चुके हैं। यहां दो बास्केटबॉल कोर्ट हैं। इनमें से एक सामान्य कोर्ट है जबकि दूसरा सिंथेटिक कोर्ट है। सिंथेटिक कोर्ट की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
खिलाड़ी आरव ने बताया कि बैठने के लिए लगाए गए बेंच के आसपास झाड़ियां उग आई हैं, जिनमें कांटे भी हैं। कोर्ट में दरारें हैं और पोल पर जंग लग चुका है। अर्जुन ने बताया कि वह तीन साल से यहां बास्केटबॉल खेल रहे हैं। सिंथेटिक कोर्ट की हालत खराब होने के कारण वहां ग्रिप नहीं बनती। कई बार पैर भी मुड़ जाता है और चोट लगने का डर बना रहता है।
खिलाड़ी मुदित पुनिया ने बताया कि गोल रिंग में जाली नहीं है। कोर्ट में दरारें होने के कारण पैर मुड़ जाता है। कोर्ट कई जगह से घिस भी चुका है।
जिला खेल अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि उन्होंने 7-8 महीने पहले खेल परिसर में आवश्यक सुधार कार्यों पर आने वाले अनुमानित खर्च का ब्योरा खेल विभाग को भेज दिया था। उसमें कुछ त्रुटियां होने के कारण अब दोबारा ब्योरा भेजा जाएगा। इसमें बास्केटबॉल कोर्ट का विवरण भी शामिल किया जाएगा। इसके बाद कोर्ट में सुधार कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि खेल विभाग ने नए खेल उपकरणों की खरीद के लिए विभिन्न खेलों के कोचों की सेवाएं मांगी हैं ताकि वे उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कर सकें और विभाग बेहतर उपकरण खरीद सके।
25-बास्केटबॉल कोर्ट के पास टूटे पड़े बेंच। संवाद