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झज्जर-बहादुरगढ़: 15 मई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर रोक

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बहादुरगढ़। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में 15 मई के बाद औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए डीजल जेनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। जेनरेटर सेट में रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (आरइसीडी) लगाने के लिए 30 सितंबर 2023 तक की समयसीमा भी तय की है।
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सीएक्यूएम के आदेश के मुताबिक जहां गैस इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है, वहां केवल दोहरे ईंधन (70 प्रतिशत गैस और 30 प्रतिशत डीजल) में परिवर्तित जेनरेटर सेट की अनुमति होगी। 100 प्रतिशत गैस आधारित जेनरेटर सेट के उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। डीजल जेनरेटर सेट के अनियंत्रित उपयोग को क्षेत्र में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के लिए एक प्रमुख योगदानकर्ता पाया गया है। ऐसे में सीएक्यूएम ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता की रक्षा और सुधार के उद्देश्य से आवश्यक या समीचीन समझे जाने वाले सभी उपाय करने के दिशा-निर्देश जारी करने किए हैं। अब वायु प्रदूषण को व्यापक रूप से रोकने और नियंत्रित करने की दृष्टि से सीएक्यूएम ने निर्देश दिया है कि एनसीआर में डीजल जेनरेटर सेट (800 किलोवाट तक की क्षमता) के उपयोग की अनुमति केवल 15 मई से दोहरी ईंधन प्रणाली में उनके रूपांतरण के अधीन होगी। सीएक्यूएम ने पिछले साल अक्टूबर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू करने के बाद एनसीआर में डीजल जेनरेटर सेट के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
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