दिवाली से पहले ही प्रदेश की आबेहवा बिगड़ने लगी है। शनिवार को बहादुरगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 230 रिकॉर्ड किया गया। इसी के साथ बहादुरगढ़ प्रदेश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। पहले नंबर पर गुरुग्राम है। गुरुग्राम का एक्यूआई 260 रिकॉर्ड किया गया है।
नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ के चिकितसक डॉ. सुंदरम ने अस्थमा, शुगर और हृदय रोग के मरीजों को ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। कहा है कि यह मौसम बेहद खतरनाक है। वहीं, मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक्यूआई का स्तर दिवाली के बाद और ज्यादा परेशान करेगा। दिवाली पर आतिशबाजी के साथ हवा और प्रदूषित हो जाएगी।
प्रदूषण से बचाव के लिए यह करें
- बाहर जाते समय एन-95 या पी-100 रेस्पिरेटर मास्क का इस्तेमाल करें।
- कार और घर में एयर प्यूरिफायर लगाएं।
- पानी ज्यादा से ज्यादा पीयें और खाने में प्रोटीन शामिल करें।
- बीमार लोगों से दूरी बनाकर रहें। चार-पांच दिन बाद भी खांसी न दूर हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
- सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियां बंद कर दें।
- जॉगिंग की बजाय शॉर्ट वॉक अपनाएं, बीच में ब्रेक लें।
- छाती में जकड़न, कफ, सांस में तकलीफ या बेहोशी महसूस हो तो एक्टिविटी पूरी तरह बंद कर दें और चिकित्सक को दिखाएं।
- घर में खिड़कियां बंद करके रखें।
- अगरबत्ती, मोमबत्ती और धूप आदि न जलाएं।
- घर को साफ रखें, झाड़ू की बजाय पोंछा लगाएं, झाड़ू से धूल अधिक उड़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार
प्रदूषण बढ़ने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। रात में पेट्रोलिंग की जा रही है। प्लास्टिक जलाने वाली कई अवैध फैक्टरियों को पकड़ा गया है। विभिन्न स्थानों पर फ्लैक्स लगाकर आमजन से प्रदूषण रोकने में सहयोग की अपील की जा रही है। एक प्लांट को सील किया गया है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
-शैलेन्द्र अरोड़ा, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।