झाड़ोदा कलां स्थित बाबा हरिदास मंदिर में छठ पर्व पर मेला लगा। सोमवार को छठ के अवसर पर ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना करके सुख समृद्धि की कामना की। इससे पहले भक्तों ने पवित्र तालाब मल्लाह में स्नान किया और बाबा की धूनी पर ज्योति जलाई। नवविवाहित जोड़ों ने भी मंदिर में माथा टेका। मेला समिति के प्रवक्ता रणसिंह ने बताया कि मेले में ढाई लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए। मेले में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे। सीआरपीएफ के जवान भी तैनात रहे। कई स्थानों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे। बाबा हरिदास लोक सेवा मंडल ने भी सैकड़ों स्वयंसेवक तैनात किए थे। मंडल ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए खोया पाया विभाग बनाया था। अनेक बच्चे बिछुड़े बच्चों को विभाग के कार्यकर्ताओं ने उनके अभिभावकों तक पहुंचाया। दमकल और औषधालय का भी इंतजाम रहा। जगह-जगह भंडारे लगे थे। गांव के लोगों ने भी बाहर से आने वालों को चाय व पानी आदि की सेवा मुहैया करवाई।
पशु पालकों ने बाबा के मंदिर में अपने पशुओं का दूध अर्पित किया। सैकड़ों शिशुओं का मुंडन संस्कार संपन्न हुआ। नव विवाहित जोड़ों ने शीश नवाया। रोहतक के गांव हसजनगढ़ की संतोष ने अपने बड़े बेटे के स्वस्थ होने और छोटे बेटे के नौकरी लगने पर बाबा की ज्योति लगाकर प्रसाद वितरित किया। पहले पुत्र-पुत्री को जन्म देने वाली महिलाओं ने मंदिर में पूजा कर भेलियां बांटीं। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत दूर-दूर से आए लोगों ने ज्योति लगाई। रविवार की दोपहर से ही झाड़ोदा के इस पवित्र स्थल पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया था, जो सोमवार की दोपहर बाद तक जारी रहा। घनी सुबह मंदिर में पूजा के साथ दर्शन शुरू हो गए। श्रद्धालुओं ने बाबा हरिदास के मंदिर में शीश नवाकर सुख समृद्धि की मन्नत मांगी।
बच्चों, युवाओं, वृद्धों व महिलाओं ने पवित्र तालाब (मल्लाह) में स्नान किया। मौज, हजारों भक्त पैदल चलकर मेले में पहुंचे। कई भक्तों ने अपने घर से मंदिर तक की यात्रा साष्टांग पूरी की।
बहादुरगढ़ से नजफगढ़ करीब आठ किलोमीटर लंबी सड़क पर रविवार शाम से सोमवार दोपहर बाद तक जाम लगा रहा। रेहड़ी खोमचे वाले दुकानदारों की चांदी रही। खिलौने, मिठाई, गोलगप्पे चाट जमकर बिके। महिलाओं ने चूड़ी व सिंदूर आदि श्रंगार का सामान खरीदा।
पवित्र तालाब मल्लाह परिसर का भव्य प्रवेश द्वार।- फोटो : Bahadurgarh