बहादुरगढ़। शहर की हवा में सोमवार को मामूली सुधार दर्ज किया गया है और इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। प्रदूषण का स्तर भले ही कम हुआ है लेकिन चिकित्सकों ने हार्ट, डायबिटीज और अस्थमा के रोगियों को बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। यदि लापरवाही बरती तो बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। अभी सुबह के समय टहलने से भी बचें।
सोमवार को 16 किलोमीटर की गति से हवा चली तो प्रदूषण धड़ाम हो गया और एक्यूआई ऑरेंज जोन में दर्ज हुआ। सुबह से शाम तक भी प्रदूषण के स्तर में कमी आती रही। सुबह 8 बजे बहादुरगढ़ का एक्यूआई 237 और शाम 4 बजकर 5 मिनट पर 202 दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 16 किलोमीटर की गति से हवा चली तो अगले दो-तीन दिनों में प्रदूषण में सुधार आ सकता है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से शहर की सडक़ों पर धूल न उड़े, इसको लेकर टैंकरों और पेड़ों पर स्मॉग गन के जरिये पानी का छिडक़ाव किया जा रहा है। एक नवंबर को बहादुरगढ़ में एक्यूआई 266 और दो नवंबर को 343 दर्ज किया गया था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार, एक्यूआई को छह हिस्सों में बांटा गया है।
0-50 के बीच एक्यूआई को गहरा हरा की श्रेणी में रखा गया है। ऐसी हवा सेहत के लिए अच्छी होती है।
51-100 एक्यूआई को हल्का हरा की श्रेणी में रखा गया है। ऐसी हवा को संतोषजनक माना जाता है।
101-200 के बीच एक्यूआई होने पर उसे पीला यानी मध्यम श्रेणी में रखा जाता है।
201-300 के बीच एक्यूआई को नारंगी की श्रेणी में रखा जाता है और हवा सेहत के लिए खराब होती है।
301-400 के बीच एक्यूआई हो तो ऐसी हवा को लाल यानी बहुत खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
401-500 के बीच एक्यूआई होने पर उसे बैंगनी या बेहद गंभीर की श्रेणी में रखा जाता है।