साल्हावास। छुछकवास पीएचसी पर आशा वर्करों की बैठक संपन्न हुई। राज्य उप प्रधान प्रवेश, जिला प्रधान मूर्ति ने बताया कि हम सरकार से बार-बार अपना मांग पत्र दे चुके हैं। सरकार हमारी मांगों का समाधान पिछले 73 दिन की हड़ताल के बाद भी नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स की जो पिछले हड़ताल के दौरान पैसे बचे हुए हैं, वह तुरंत सभी आशा वर्कर्स को दिए जाएं। आशा वर्कर्स दिन रात मेहनत के साथ अपना काम सुचारू रूप से कर रहे हैं, परंतु आए दिन आशा वर्कर के ऊपर नए काम सौंप दिए जाते हैं। जो बिना पैसे की आशा वर्कर्स को करने पड़ते हैं। कभी ऑनलाइन सर्विस का दबाव, आभा आईडी बनाने का दबाव, बीसीजी के टीके लगवाने व उनकी सर्वे करना, आयुष्मान भारत के कार्ड बनवाना और उसकी सर्वे करना। एमसीडी की सर्वे किश्तों की सर्वे एनीमिया की सर्वे ड्यूटी की सर्वे इत्यादि सर्वे बगैर पैसों के आशा वर्कर्स करनी पड़ते है। जो आशा वर्कर्स की जो बुनियादी काम है जिस काम के लिए आशा वर्कर लगवाई गई थी उसे काम के तरफ सरकार ध्यान नहीं देना चाहती। मुख्यमंत्री ने 2100 रुपये वेतन बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई वेतन नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि तीन अगस्त को झज्जर जिले की आशा वर्कर सीएम सिटी करनाल में पूरी संख्या के साथ पहुंचेंगे। इस मौके पर सविता, प्रमिला, शीला, माया, सरोज, सुमन मौजूद रहे।