बहादुरगढ़। बादली रोड पर स्थित ऑटो मार्केट के मैदान में बुधवार को कलाकारों ने किसानों में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर की जाने वाली ट्रैक्टर मार्च के लिए जोश भरा। साथ ही कई घंटों तक क्रांतिकारी गाने भी गाए।
पंजाबी कलाकार गलव वड़ैच ने गीतों के माध्यम से केंद्र सरकार से तीनों कानूनों को जल्द से जल्द निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार इन कानूनों को रद्द करती है तो पंजाब के किसान यहां से वापस अपने घर को लौट जाएंगे। अन्यथा वे कानूनों को रद्द कराकर ही वापस होंगे। उन्होंने अपने गीत भक्ति जै सच्ची होवे, पत्थर भी तर जावे, एका ते सब्र जितोंदा मित्रो ओ जंगां नूं.. के माध्यम से किसानों में जोश भरा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों द्वारा की जाने वाली ट्रैक्टर परेड के लिए किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से बताया जा रहा है कि इस परेड में शरारती तत्व भी घुसने की कोशिश करेंगे तो उससे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से 57 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। किसान परेड भी पूरी तरह शांतिपूर्वक करेंगे। वे परेड के माध्यम से दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि किसान अनुशासन में रहता है। उन्होंने कहा कि किसान अपने हक के लिए परेड कर रहे हैं। कार्यक्रम फेसबुक पर लाइव चला। गलव वड़ैच ने कहा कि कार्यक्रम के जरिये उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के नौजवान, बुजुर्गों व महिलाओं से आह्वान किया गया है कि जो भी लोग अपने घरों में डटे हुए हैं वे इस आंदोलन में पहुंचकर किसानों के हाथ मजबूत करें। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जायज मांगें उठा रहे हैं। ये कानून किसानों को किसी भी सूरत में नहीं चाहिए। इससे किसानों का नुकसान होगा, जबकि कारपोरेट घरानों का फायदा होगा। वे केंद्र सरकार से गुजारिश करते हैं कि इन कानूनों को वापस लिया जाए। ताकि कड़ाके की ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर बैठा किसान अपने घरों की वापसी कर सके। उन्होंने खेती और क्रांतिकारी गीतों के अलावा शब्द गायन किया। वहीं ऑटो मार्केट मैदान पर सजे मंच से गायक सोनिया मान ने भी सरकार पर कड़ा प्रहार किया और कानूनों को जल्द निरस्त करने की मांग की।
कार्यक्रम में कलाकारों को देखने के लिए वाहन में चढ़े किसान।- फोटो : Bahadurgarh