तीनों सेनाओं और रेलवे में तैनात खिलाड़ी अब राज्य कुश्ती चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकेंगे। इसको लेकर राज्य कुश्ती एसोसिएशन ने निर्देश दिए जारी कर दिए हैं। अगर किसी जिले में इन खिलाड़ियों का चयन टीम में हुआ है तो उसे रद्द करके द्वितीय नंबर के खिलाड़ी को मौका मिलेगा।
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से प्राप्त पत्र के बाद राज्य एसोसिएशन ने सभी जिला एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव, अखाड़ा संचालक व इवेंट आयोजकों को इस बारे में निर्देश दिए हैं। एसोसिएशन के हरियाणा महासचिव डॉ. राकेश सिंह कोच ने बताया कि एसएससीबी (सेवा खेल नियंत्रण बोर्ड) और आरएसपीबी (रेलवे खेल प्रोत्साहन बोर्ड) यानी थल सेना, नौसेना, वायु सेना और रेलवे की टीमें राष्ट्रीय कुश्ती में भाग ले रही हैं।
ऐसे में जिला कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने वाले ऐसे खिलाड़ी जो वर्तमान में सेना, नौसेना, वायु सेना या रेलवे में तैनात हैं, उन्हें हरियाणा राज्य कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की सहमति और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। एसोसिएशन के पास विभिन्न खिलाड़ियों, अखाड़ा संचालकों और खिलाड़ियों के अभिभावकों से लिखित शिकायतें मिलीं थीं।
इस आधार पर यह फैसला लिया है। इस निर्णय का उद्देश्य सुनिश्चित करना है कि हरियाणा के नए उभरते खिलाड़ियों को अवसर मिल सके। महासचिव के मुताबिक एसोसिएशन ने निर्देश दिए कि जिस विभाग की टीम राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग ले रही हैं, उसका कोई भी खिलाड़ी यदि किसी भी जिले से किसी भी भार वर्ग में प्रथम आया है तो उसके स्थान पर जिलास्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाला खिलाड़ी राज्य कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेगा।
सभी जिलाध्यक्ष, महासचिव, अखाड़ा संचालकों और इवेंट आयोजकों को 25 नवंबर से पहले अपने-अपने जिले की अंतिम सूची रेसलिंग हरियाणा एसोसिएशन को भेजने के लिए कहा है। जिस जिले की अंतिम सूची 25 नवंबर तक प्राप्त नहीं होगी, उसके खिलाड़ियों को राज्य चैंपियनशिप में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्येक जिले की सूची में यह स्पष्ट किया जाए कि कौन सा खिलाड़ी किसी विभागीय टीम में चयनित है या नहीं।