फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अरावली बचाओ मुहिम : सौ मीटर परिभाषा का विरोध, अधूरा बताया सुप्रीम कोर्ट फैसला

विज्ञापन
फोटो-54: बहादुरगढ़ के रोहतक रोड स्थित शहीद स्मारक पर अनशन करते विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि। सं
विज्ञापन
बहादुरगढ़। पर्यावरण संरक्षण समिति हरियाणा की ओर से अरावली बचाओ मुहिम को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को शहीद स्मारक पर शहर के नागरिकों ने एक दिवसीय अनशन किया। अनशनकारियों ने अरावली की सौ मीटर ऊंचाई वाली परिभाषा के विरोध में बाजुओं पर काली पट्टियां बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
विज्ञापन

समिति के प्रभारी सतवीर सिंह दहिया ने स्पष्ट किया कि अरावली मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अभी मामले की मेरिट पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। कोर्ट ने केवल उस पूर्व निर्णय को स्थगित किया है जिसमें सौ मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों को अरावली न मानने की बात कही गई थी।
अभी तक अरावली की नई परिभाषा के खिलाफ रिटायर्ड वन अधिकारियों की दायर याचिकाओं पर सुनवाई भी शुरू नहीं हुई है।

सतवीर सिंह दहिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य तो है लेकिन अरावली के भविष्य को बचाने के लिए यह अधूरा और अपर्याप्त है। उनका कहना था कि फैसला तभी पूर्ण माना जाएगा जब सरकार सौ मीटर से कम ऊंची पहाड़ियों को अरावली न मानने के अपने निर्णय से वापस हटे।
विज्ञापन

सरकार और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से मजबूत पैरवी समय की आवश्यकता है तभी अरावली के संरक्षण को लेकर सही और स्थायी फैसला आ सकता है।जयपाल सांगवान और वजीर सिंह दहिया ने बहादुरगढ़ की स्थानीय पर्यावरण, सफाई व्यवस्था और गंदे पीने के पानी की समस्या को उठाया।
उन्होंने कहा कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी इंदौर जैसी स्थिति बन सकती है।
मौके पर भगत सिंह मैत्री संस्थान के अध्यक्ष प्रदीप यादव, संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता जयकरण मांडौठी, पार्षद सचिन और पूर्व पार्षद राजेश खत्री, किसान कामगार यूनियन के प्रदेश सचिव सुमित छिकारा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें