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खच्चर के ग्लेंडर्स पॉजिटिव मिलने पर पशुपालन विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट

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खच्चर के खून का सैंपल लेते पशु चिकित्सक। संवाद - फोटो : Jhjhar
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झज्जर। बामनोली गांव से खच्चर के ग्लेंडर्स पॉजिटिव पाए जाने के बाद पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग ने जिले में अश्व प्रजाति के पशुओं के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी पशु चिकित्सकों को अश्व प्रजाति के पशुओं पर पूरी तरह से निगरानी रखने के लिए कहा गया है। अगर किसी भी पशु में लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत प्रभाव से संबंधित एसडीओ व उपनिदेशक को सूचित करने के लिए कहा गया है, ताकि तुरंत प्रभाव से सैंपलिंग करवाई जा सके। वहीं विभाग ने झज्जर जिले की सीमा से सटे रोहतक, रेवाड़ी, गुरुग्राम, चरखी दादरी व सोनीपत जिलों के उपनिदेशकों को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है।
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विभाग की तरफ से बामनोली गांव के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले अश्व प्रजाति के पशुओं पर इस क्षेत्र से बाहर आवागमन करने पर रोक लगा दी गई है। पशुपालन विभाग ने सात टीमों का गठन कर दिया है। सुबह ही टीमें बामनोली गांव के आसपास क्षेत्र के ईंट-भट्ठों पर पहुंची और सैंपलिंग का कार्य शुरू कर दिया। टीमों ने 50 से अधिक पशुओं के सैंपल लिए गए हैं। पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग की तरफ से बहादुरगढ़ के एसडीओ डॉ. रविंद्र सहरावत के नेतृत्व में टीम को गांव में भेजा गया है। विभाग की टीम ने गांव में सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दरअसल, गत दिवस बामनोली गांव से हिसार के लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय(लुवास) इलाज के लिए ले जाए गए खच्चर को ले जाया गया था, वहां खच्चर गलेंडर्स पॉजिटिव पाया गया था।
इन टीमों का किया गठन
पशुपालन विभाग की तरफ से डीडीए डॉ. मनीष डबास, एसडीओ डॉ. रविंद्र सहरावत, डॉ. बलजीत दलाल, डॉ. कुलदीप माथुर, डॉ. विरेंद्र, डॉ. कर्मवीर जांगड़ा, डॉ सुषमा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया है। वहीं झज्जर जिले की सीमा से सटे रोहतक, रेवाड़ी, गुरुग्राम, चरखी दादरी व सोनीपत जिलों के उपनिदेशकों को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है, ताकि वहां पर भी सतर्कता बढ़ाई जा सके।
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हिसार भेजे जाएंगे सैंपल
पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में अश्व प्रजाति के पशुओं के खून के सैंपल लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार में भेजे जाएंगे। जहां से सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पशुपालन विभाग से शुक्रवार को ही टीम को गांव में भेजा गया था। गांव में अन्य पशुओं की सैंपलिंग की जा रही है। ईंट-भट्ठों पर भी टीमों को भेजा गया है। बामनोली के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में अश्व प्रजाति के पशुओं के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। जिले में अलर्ट जारी करने के साथ-साथ जिले के साथ लगते अन्य जिलों को भी सूचित कर दिया है।
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- डॉ. मनीष डबास, डीडीए, पशुपालन विभाग, झज्जर।
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