झज्जर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को 15 माह का ईंधन व पिसाई का बजट नहीं मिला है। इस कारण पिछले 9 माह से आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को केवल सूखा राशन ही वितरित किया जा रहा है। इससे पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले राशन को पकाकर बच्चों को दिया जाता था, लेकिन 9 माह से केवल सूखा राशन वितरित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्र संचालकों को ईंधन और पिसाई का जुलाई 2021 से लेकर जून 2023 तक का बजट सरकार ने नहीं दिया। इसके बाद से ही आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन पकना बंद कर दिया गया। मार्च माह में कई जिलों में यह राशि भेजी गई, लेकिन झज्जर जिले में अब तक यह राशि नहीं आई है। इसके चलते अब भी आंगनबाड़ी केंद्रों में केवल सूखा राशन बच्चों में वितरित किया जाता है। सरकार द्वारा प्रति बच्चे के हिसाब से 45 पैसे ईंधन और 15 पैसे पिसाई की राशि प्रदान की जाती है। इसी राशि के आधार पर बच्चों का राशन तैयार करवाया जाता है, लेकिन राशि नहीं मिलने के कारण सूखा राशन दिया जा रहा है।
जिले में 1129 आंगनबाड़ी केंद्र
जिले में 1129 आंगनबाड़ी केंद्र है। इन्हीं में से 100 में प्ले स्कूल भी चल रहे हैं। प्रतिदिन अलग-अलग रेसेपी के हिसाब से बच्चों को राशन दिया जाता है। विभाग के अनुसार सोमवार को दलिया, मंगलवार को सब्जी पुरी, बुधवार को मीठे चावल, वीरवार को मुरमुर्रे, शुक्रवार को परांठा और शनिवार को नमकीन चावल दिए जाते हैं। यदि किसी दिन कोई सामान नहीं होता है तो दूसरा सामान भी दे दिया जाता है।
वर्जन
आंगनबाड़ी केंद्रों की ईंधन व पिसाई की राशि 15 माह की बकाया है। उसकी डिमांड मुख्यालय को भेजी हुई है। जैसे ही राशि आएगी, उसे खातों में डलवा दिया जाएगा।
प्रियंका, सीडीपीओ, बहादुरगढ़