ग्रामीण सीडीपीओ उर्मिला ने बताया कि सोमवार को जांच के बाद उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। प्राथमिक जांच में बादली गांव के जिस आंगनबाड़ी केंद्र पर एक्सपायरी सामग्री देने का मामला आया है, वहां कार्यवाहक कार्यकर्ता काम कर रही थीं।
हालांकि अभी जांच की जा रही है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का पता चल सकेगा। मामले पर संज्ञान लेते हुए उपमंडल अधिकारी डॉक्टर रमन गुप्ता ने क्षेत्र की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि 29 और 30 दिसंबर को बादली की आंगनबाड़ी केंद्र में आहार को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई थी। विभागीय तौर पर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सूरत में एक्सपायर सामान वितरित न किया जाए।
सामान को एक्सपायर होने से पहले ही बच्चों और गर्भवतियों में बांटना जरूरी है। नियम के अनुसार वितरित किए जाने से पहले खाद्य सामान एक्सपायर होता है तो उसे वापस भेजना जरूरी है।
क्या था मामला
आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को एक्सपायरी मिक्सचर खीर वितरित की गई थी। मिक्सचर खीर के एक किलो के पैकेट पर एक सितंबर 2025 की मैन्युफैक्चरिंग डेट मिली और इसकी अवधि तीन महीने तक थी जो एक दिसंबर 2025 को एक्सपायर हो गई थी जो अब खाने लायक भी नहीं थी।