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पहलगाम में फंसे बहादुरगढ़ के अमरनाथ यात्री

Wed, 13 Jul 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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श‌िव पार्वती
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अमरनाथ यात्रा में आतंकवादियों द्वारा विघ्न डालने के साथ ही बहादुरगढ़ के भी दर्जन भर से अधिक श्रद्धालु घाटी में फंस गए हैं। उन्हें सुरक्षा की चिंता तो सता ही रही है, हरेक चीज कई गुणा महंगी होने के कारण जेब के पैसे भी खत्म होते आ रहे हैं। पानी की बोतल 100 रुपये में खरीदनी पड़ रही है। घाटी में फंसे लोगों की यहां उनके परिजनों को गंभीर चिंता हो रही है। वे अमरनाथ यात्रा पर गए अपने परिजनों से फोन से लगातार संपर्क में रहनेे की कोशिश में रहते हैं।
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 लौट रहे थे बाबा के दर्शन करके
इस बार बहादुरगढ़ के कई लोग अमरनाथ यात्रा के लिए निकले। फिलहाल कुछ यात्रियों का ही अपने घर वालों से संपर्क हो पाया है। परिवार वाले अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं। घाटी में नेटवर्क काम नहीं करने के कारण यात्रियों से मोबाइल फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा। मोबाइल पर जब कभी संपर्क होता है तो कुछ ही देर बात हो पाती है। बहादुरगढ़ से अमरनाथ यात्रा पर गया एक जत्था फिलहाल पहलगाम में फंसा है। ये लोग अमरनाथ के दशन कर वापसी में पहलगाम से आगे नहीं बढ़ पा रहे। सुरक्षा बलों ने उन्हें एक होटल में ठहराया है। इस जत्थे में शामिल बहादुरगढ़ के नेहरू पार्क निवासी  कपिल अग्रवाल ने मोबाइल फोन पर हुई बातचीत में अमर उजाला को बताया कि वे पिछले 3 दिनों से पहलगाम में फंसे हैं। सेना के लोग उन्हें होटल से बाहर नहीं आने दे रहे।

फौजियों ने पहुंचाए सुरक्षित स्थानों पर
पहलगाम से कपिल ने बताया कि वे यहां कैद होकर रह गए हैं। गत 8 जुलाई को कि वह माडल टाउन निवासी भीम सैन, दामोदर माहेश्वरी, सांखोल गांव निवासी फूल कुमार, गांव कानोन्दा निवासी श्याम लाल, सेक्टर-7 निवासी सुनील शर्मा, माडल टाउन निवासी संदीप गुप्ता, लाइनपार निवासी दीपक सोलंकी, बल्ली भारद्वाज, संजय, अमित व दिल्ली में रहने वाले विनय सूरी के साथ हवाई जहाज द्वारा बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए निकले थे। दिल्ली से हवाई जहाज द्वारा श्रीनगर तक पहुंचने के बाद सभी पैदल अमरनाथ दर्शन के लिए पहुंचे। 10 जुलाई को बेहद श्रद्धा से दर्शन करने के बाद जब वे वापस आ रहे थे तब पहलगाम के पास आतंकवादियों ने यात्रियों के काफिले पर हमला कर दिया। कई टैंटों को आग के हवाले कर दिया गया। सेना के जवानों ने मुंह तोड़ जवाब देते हुए सभी अमरनाथ यात्रियों सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
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दिन में शांत, रात को गोलियों की आवाज
कपिल ने बताया कि पिछले 3 दिनों से वे पहलगाम के एक होटल में कैद हैं। जबकि श्रीनगर से उनकी हवाई जहाज से वापसी टिकट 12 जुलाई की थी, जो अब बेकार हो गई है। होटल वाले कमरों का मनमाना किराया वसूल रहे हैं। एक बोतल पानी 100 रुपये तक में मिल रहा है। अमरनाथ की ओर जाने वाले रास्ते पर फौजियों के अलावा कोई भी दिखाई नहीं दे रहा। रात को जरूर उन्हें गोलियों की आवाज सुनाई देती है। जिससे वे भयभीत हैं। फिलहाल जत्थे में शामिल एक-दो व्यक्तियों का अपने घर वालों से संपर्क हुआ है। जो दूसरों के घर जाकर उनके हालचाल के बारे में बता रहे हैं।
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