अब हमें नए रास्ते पर आगे बढ़ना होगा। गौशालाएं परंपरागत तौर-तरीके छोड़ कर बायोगैस, आर्गेनिक खेती जैसे क्षेत्रों में रचनात्मक कार्य करें। कृषि एवं पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने शनिवार को गांव मातनहेल की दादा मथुरा पुरी गौशाला में आयोजित कार्यक्रम में ये आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जब देश पर खाद्यान्न संकट था। हरित क्रांति के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए हमारे किसानों ने देश को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया, लेकिन आज धरती व इंसान की सेहत को देखते हुए हमें नए रास्ते पर चलने की जरूरत है।
आर्गेनिक खेती की ओर हमारे किसानों को आगे बढ़ना होगा। हम एक साथ तो परंपरागत पद्धति छोड़ नहीं सकते लेकिन धीरे-धीरे हम आर्गेनिक तौर-तरीके अपनाएं तो भारत दुनिया के नये लीडर के रूप में उभरेगा। गौशालाओं में बायोगैस व जैविक खाद उत्पादन के लिए अपार संभावनाएं है। महाराष्ट्र के सुभाष पालेकर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक गाय 30 एकड़ में जैविक खेती करा सकती है।
बनेंगे गौ अभ्यारण्य
मंत्री धनखड़ ने कहा कि खुले में घूमने वाले गौवंश पर नियंत्रण के लिए गौअभ्यारण्य बनाए जाएंगे। इन अभ्यारण्यों का संचालन जिला परिषद के माध्यम से किया जाएगा। गौशालाओं के माध्यम से जो भी प्रस्ताव मिलेगा उसमें सरकार की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।
गौशाला कार्यकारिणी की ओर से वीएलडीए नियुक्त करने की मांग को पूरा करने की घोषणा करते हुए कृषि मंत्री ने गांव में पशु अस्पताल की नई इमारत सहित गांव के मांगपत्र का सहानुभूति पूर्वक अध्ययन करते हुए अधिकांश मांगों को पूरा कराने का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री के साथ-साथ हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला का भी गौशाला कार्यकारिणी की ओर से पगड़ी बांध कर स्वागत किया गया। मेवात क्षेत्र में गौवंश के संरक्षण की दिशा में उनके प्रयासों पर भी आयोजकों की ओर से आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर समाजसेवी बालकिशन गुप्ता, जिला महामंत्री राजेंद्र शर्मा, भाजपा नेत्री सुनीता चौहान, जिला पार्षद माया देवी, अनिल मातनहेल, धर्मपाल नंबरदार, सुनील राव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।