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कृषि मंत्री के आवास पर गरजे प्रदेश भर के कृषि अधिकारी

Fri, 30 Sep 2016 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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कृषि अधिकारियों का प्रदर्शन - फोटो : bureau
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फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल कटाई प्रयोग के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदेश भर के कृषि अधिकारियों द्वारा की जा रही बेमियादी हड़ताल वीरवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गई। कृषि अधिकारियों के आंदोलन को वीरवार को उस समय और ज्यादा बल मिला, जब आंदोलन में भाग लेने का वादा कर कुछ किसान झज्जर पहुंचे।
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कई कर्मचारी संगठनों ने भी उनका साथ देने के लिए हड़ताल में शामिल होकर नारेबाजी की। वीरवार को प्रदेश भर से आए कृषि अधिकारियों ने किसानों और अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर शहर भर में प्रदर्शन किया। उनका यह विरोध प्रदर्शन स्थानीय लघु सचिवालय से शुरू हुआ और बाद में शहर के सिलानी गेट, सर्कुलर रोड, पुरानी तहसील रोड, पुराने बस स्टैंड से होता हुआ कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के आवास पर पहुंचा। यहां उन्होंने जब नारेबाजी की और बाद में सभी कृषि अधिकारी किसानों के साथ मिलकर वापस लघु सचिवालय पहुंचे।

निलंबन और चार्जशीट का डर दिखाने की कही बात
जिला मुख्यालय पर मीडिया के रूबरू हुए संगठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुशील गोयत ने कहा कि फसल बीमा योजना को लेकर विभाग के उच्चाधिकारी भी प्रदेश के कृषि मंत्री को भ्रमित कर रहे हैं। कारण यह है कि जो तरीका अपनाया जा रहा है, उसको लागू कराने के लिए शुरू से ही कृषि विकास अधिकारियों को निलंबन व चार्जशीट का डर दिखाकर गलत तरीके से फसल कटाई प्रयोग करवाने की सरकार की मंशा है, जबकि सभी को पता है कि इस योजना का लाभ सीधे रूप से केवल बीमा कंपनियों को जाना है। सरकार ने किसान हित में बीमा योजना में फसल कटाई प्रयोग को गलत तरीके अपनाकर पूरा करने से मना करने की एवज में 20 से अधिक कृषि विकास अधिकारियों को निलंबित और 100 से अधिक एडीओ को चार्जशीट थमा चुका है।
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मंत्री पर लगाया समय न देने का आरोप
कृषि अधिकारियों ने इस मामले में प्रदेश के मंत्री ओपी धनखड़ पर भी उन्हें समय न दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कृषि विकास अधिकारी संगठन शुरू से ही किसान विरोधी नीतियों का विरोध करता रहा है। इस बार भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल कटाई प्रयोग के आयोजन में भारी खामियों के चलते किसान हित में आंदोलन किया जा रहा है।

दुर्भाग्य यह भी है कि प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, जो किसान हितैषी होने का दावा करते हैं और विपक्ष में रहते हुए किसान हित के लिए पदयात्रा तक निकाल चुके हैं, उन्होंने अभी तक सुध नहीं ली। फसल बीमा योजना की खामियों के बारे में मंत्री को अवगत करने के लिए प्रदेश के सभी कृषि विकास अधिकारी गत 26 सितंबर को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मिलने गए, लेकिन इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि मंत्री ने मिलने तक का समय नहीं दिया।
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