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आंदोलनरत किसान अब फर्श और लोहे के फ्रेम बनाकर तैयार कर रहे तंबू

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बाईपास पर नजफगढ़ रोड फ्लाई ओवर के नजदीक पक्का घर बनाने के लिए लगाया गया लोहे का फ्रेम। - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों द्वारा अब गर्मी और बारिश से बचने के लिए पक्के तंबू और लोहे के फ्रेम बनाकर घर बनाने शुरू कर दिए हैं। यह घर और तंबू बहादुरगढ़ बाईपास पर कई स्थानों पर बनाए जा रहे हैं। बहादुरगढ़ बाईपास पर सर्विस लेन के साथ लगती जमीन खेतों की जमीन पर भटिंडा जिले के जलाल गांव के रूपिंदर, प्रेम ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। अब पक्के तंबू बनाए जा रहे हैं। उन्होंने यहां पर 26×26 की जगह पर तंबू बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईंटों का फर्श बनाया जाएगा। साथ ही चारों तरफ दो से ढाई फुट की दीवारें बनाई जाएंगी। ताकि बारिश का पानी तंबू में न घुस सके। इसके लिए रविवार को ईंटें पहुंच गई और नपाई-तुलाई का काम शुरू कर दिया गया। सोमवार को मिस्त्री काम पर जुट जाएगा। एक दिन ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद तंबू में रहने वाले किसान भाइयों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इस तंबू में करीब 35-40 लोग रहेंगे। यदि पक्के तंबू बनाने की और जरूरत पड़ती है तो वह भी बनाएं जाएंगे। वे यहां से वापस तभी जाएंगे, जब उनकी मांगे केंद्र सरकार मान लेगी।
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तीन हजार लीटर की टंकी और जनरेटर भी लाएं हैं किसान साथ
वहीं बहादुरगढ़ बाईपास पर ही नजफगढ़ रोड के फ्लाई ओवर के नजदीक जिला संगरूर के संगतपुरा गांव के किसानों ने भी लोहे का फ्रेम बनाकर पक्का घर बनाना शुरू कर दिया है। पास के खेतों से खुद पराली लेकर आए और उसे तंबू के ऊपर लगाना शुरू कर दिया। यहां पर 15×70 का घर बनाया जा रहा है। मिस्त्री गुरदीप खान कार्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं। संगतपुरा निवासी सतगुरु सिंह ने बताया कि फिलहाल उनके गांव के 35 लोग यहां पर पहुंचे हैं। उनके रहने-खाने की व्यवस्था कर दी गई है। बारिश के मौसम में भी किसी तरह की परेशानी न हो, उसके लिए घर बनाया जा रहा है। यहां पर तीन हजार लीटर पानी की टंकी रखी गई है। बिजली की समस्या न हो उसके लिए वे एक जनरेटर भी गांव से साथ लेकर आए हैं।
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