जिला स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ और पुलिस की टीम ने सोमवार को दिल्ली के पंजाबी बाग के एक बड़े अस्पताल में लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि बहादुरगढ़ से आकाश नाम का एक एजेंट दिल्ली में लिंग जांच करवाता है। उपायुक्त अनीता यादव ने त्वरित करवाई करते हुए पीएनडीटी एक्ट के तहत नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ राकेश कुमार तथा सीआईए प्रभारी सुमित कुमार की अगवाई में एक संयुक्त टीम गठित की। टीम ने नाटकीय तरीके से एक महिला को ग्राहक बनाकर आकाश नाम के एजेंट के पास भेजा। एजेंट ने 11 हजार रुपये में लिंग जांच करवाने का सौदा तय किया। तय सौदे के अनुसार सोमवार को सुबह साढ़े 8 बजे एजेंट ने महिला को बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर बुलाया। वहां से आटो में सवार होकर दिल्ली की तरफ चले।
प्रशासन द्वारा गठित टीम ने भी आटो का पीछा किया। आटो शिवाजी मेट्रो स्टेशन के पास रुकी। वहां पर कार से पहुंची एक अन्य महिला ने एजेंट से पैसे लिए और महिला ग्राहक के हाथ पर निशान बनाते हुए अस्पताल का नाम बताया। डॉक्टर राकेश ने बताया कि वहां से ग्राहक बनीं ग्राहक महिला एजेंट द्वारा बताए गए एमजीएस सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल पंजाबी बाग में पहुंची और अल्ट्रासाउंड की पर्ची बनवाई। ग्राहक महिला का अल्ट्रासाउंड अस्पताल के रेडियोलोजिस्ट डॉ. अरुण सिंह चौहान ने किया। महिला ने डॉक्टर को निशान दिखाया, निशान पहचानते ही डॉक्टर अरुण ने महिला को लिंग के बारे में जानकारी देने की हामी भरी।
टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए स्थानीय एसडीएम अविनाश तथा स्थानीय पीएनडीटी एक्ट के तहत नोडल अधिकारी डॉ. सत्यजीत को अस्पताल मे बुलाया और पूरी घटना से अवगत करवाया। डॉ. सत्यजीत ने अस्पताल में मौजूद 6 अल्ट्रासाउंड मशीन, 1 कंप्यूटर को सील कर दिया। एसडीएम व डाक्टर ने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान और भी कई कमियां मिली। एसडीएम ने दिल्ली पुलिस को बुला कर मामला दर्ज करने को कहा। पुलिस ने आरोपी एजेंट आकाश व डाक्टर अरुण चौहान से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस शिवाजी मेट्रो स्टेशन के नीचे आई महिला के बारे में भी पूछताछ कर रही है।
डॉ. राकेश ने बताया कि दिल्ली के एसडीएम तथा पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छापामार टीम में उप सिविल सर्जन डा. राजकरण, एसएमओ डा. सुमन कोहली, एसडीसीओ राकेश दहिया, डीसीओ विजय राजे भी शामिल रहे। देर रात तक उक्त टीमें दिल्ली के ही एक अन्य हास्पिटल में भी जांच करने में जुटी थी।