काफी जद्दोजहद के बाद के बाद रविवार को आखिर महाराजा अग्रसेन ट्रस्ट के चुनाव संपन्न हो गए। कोर्ट के निर्देशानुसार मतदान के लिए चार बॉक्स रखे गए और चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाई गई। हालांकि, इसके बावजूद कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाला गुट असंतुष्ट नजर आया और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
बता दें कि अग्रसेन ट्रस्ट में दो गुट हैं। कई मुद्दों पर दोनों गुट कोर्ट कचहरी के चक्कर भी लगा चुके हैं। संस्था के चुनाव पर स्थगन को लेकर वादी जयभगवान वर्सेज अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने चुनाव कराने के लिए दिशानिर्देश जारी किए।
इन आदेशों के तहत संस्था सदस्यों के अलग-अलग टुकड़ों में मतदान कराने को कहा गया। यानी 278 वोट, 152 वोट, 121 वोट और 39 वोट के लिए चार बॉक्स बनाकर अलग-अलग मतदान के निर्देश दिए गए। रविवार सुबह तय समय पर चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए पुलिस अमला तैनात किया।
सात वार्डों के लिए मतदान
नए बनाए गए 31 कॉलेजियम वार्डों से 22 में निर्विरोध चुनाव किया गया, जबकि 5 वार्डों में किसी ने चुनाव लड़ने के लिए आवेदन ही नहीं किया। इस कारण ये खाली रह गए।
ऐसे में चार नए कॉलेजियम वार्डों में भी पहले से तय तीन कॉलेजियम वार्डों के साथ चुनाव करवाए गए। बता दें कि पहले बने 107 कॉलेजियम वार्डों में से सौ सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं और चार वार्ड फार्म रद होने के कारण खाली रह गए हैं।
सभी रहे खामोश
चुनाव प्रक्रिया और चुनाव के बारे में जानकारी देने से हर कोई कतराता नजर आया। उप जिला रजिस्ट्रार सुरेश मलिक से लेकर एडहॉक कमेटी तक हर कोई चुनाव प्रक्रिया कोर्ट के आदेशों के अनुसार कराने की बात करते हुए आगे कुछ भी कहने से परहेज किया। शाम छह बजे मतदान संपन्न होने के बाद एसडीएम ने चारों बॉक्स अपने कब्जे में लिए और रुखसत हो गए।
प्रक्रिया पर सवाल
कोर्ट तक जाने वाले जयभगवान गुप्ता और हर मिलाप गुप्ता इस सारी प्रक्रिया से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। अब चुनाव परिणाम जानने के लिए 12 अगस्त के दिन का इंतजार है, जिस दिन कोर्ट में मामले की सुनवाई होनी है।