शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर परिषद ने 25 लाख रुपये खर्च कर तीन वर्ष पूर्व ट्रैफिक सिग्नल लगाए थे। लेकिन ये सिग्नल आज भी शोपीस बने हुए हैं। तीन वर्षों में भी न तो नगर परिषद के अधिकारी और न ही ट्रैफिक पुलिस इन सिग्नलों को चालू कर पाई। कई बार ट्रैफिक पुलिस और नगर परिषद में आपस में पत्र व्यवहार भी हुआ, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला। शहर में लगे ट्रैफिक सिग्नल क्यों चालू नहीं हो पाए, इस बारे में एसडीएम का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि अगले 15 दिनों में ट्रैफिक सिग्नलों को चालू करवाया जाएगा।
ट्रैफिक लाइटों को संभालने वाला भी कोई नहीं
प्रशासन द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए जो ट्रैफिक लाइट झज्जर मोड़, बादली चुंगी, नाहरा-नाहरी रोड मोड़, रेलवे रोड मोड़ पर लगाई गई थी। अब उनकी देखरेख करने वाला कोई नजर नहीं आता। यही वजह है कि शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ी रहती है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी केवल चालान काटने में मशगूल रहते हैं। इस वजह से ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य नहीं हो पाती है।
सुबह, दोपहर और शाम को होती है ज्यादा परेशानी
शहर में जिन स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए थे। वहां पर सुबह, दोपहर व शाम के समय ज्यादा भीड़भाड़ रहती हैं। अधिकारी इतने लापरवाह हो गए हैं कि उनका ध्यान इस तरफ है ही नहीं। ऐसा भी नहीं है कि वे इन चौक-चौराहों से आते-जाते न हों, लेकिन अधिकारी जानबूझकर आंखें बंद किए हुए हैं और सरकारी पैसे का खूब दुरुपयोग किया जा रहा है।
रांग साइड बनता है हादसों का कारण
शहर में कहीं भी ट्रैफिक कंट्रोल के लिए ट्रैफिक सिग्नल चालू नहीं है। कई बार चालक वाहन जल्दी निकलने के लिए रांग साइड में आते हैं और हादसे का कारण बनता है। इसके अलावा तेज रफ्तार के कारण रोड के किनारे चल रहे पैदल और साइकिल सवार हादसों का शिकार बनते हैं।
पुलिस सिर्फ चालान काटने में व्यस्त
शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। ट्रैफिक प्लान लागू नहीं होने और नियमों का पालन कराने में ट्रैफिक पुलिस की दिलचस्पी ही नहीं है। ट्रैफिक सुधार के नाम पर पुलिस सिर्फ वाहनों की जांच कर उनका चालान करती है। इससे आगे की कार्रवाई नहीं होना हादसों का मुख्य कारण बनता है।
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तीन वर्ष पहले बहादुरगढ़ की सड़कों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल आज तक क्यों चालू नहीं हो पाए। इस बारे में जांच की जा रही है। उम्मीद है कि अगले 15 दिनों में ये ट्रैफिक सिग्नल चालू हो जाएंगे और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
तरुण पावरिया, एसडीएम बहादुरगढ़।