कई मामलों के मोस्ट वांटेड इनामी 2 बदमाशों को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के कब्जे सक अवैध हथियार और बाइक भी बरामद हुई। इन बदमाशों पर हत्या व हत्या के प्रयास के 11 मामले दर्ज हैं।
सीआईए बहादुरगढ़ की एक टीम सहायक उप निरीक्षक पुनित कुमार के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र में गश्त पर थी। इस टीम में सहायक उप निरीक्षक निरंजन सिंह, मुख्य सिपाही सत्यवान, सिपाही संदीप कुमर, मनदीप सिंह, सुशील कुमार व चालक राकेश कुमार शामिल थे। जब टीम जगरदपुर के पास गश्त कर रही थी तो टीम को सूचना मिली कि जगदीश उर्फ जग्गी और अनिल उर्फ काला निवासी सिद्दीपुर लोवा गांव में देखे गए हैं। सरकारी गाड़ी में सवार सीआईए की टीम जब गांव सोलधा की तरफ जा रही थी तो एक बाइक पर दो नौजवान आते दिखाई दिए। पुलिस की गाड़ी देखकर उन्होंने बाइक मोड़ ली। इसके बाद दोनों युवक बाइक छोड़कर भाग गए। पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने जैसे ही उनका पीछा किया तो उन्होंने जान से मारने की नीयत से पुलिस पर फायर कर दिए। किसी तरह जान जोखिम में डालकर पुलिस ने उन दोनों को काबू कर लिया। उनके कब्जे से दो देसी पिस्तौल व सात कारतूस और एक पल्सर बाइक बरामद हुई। अपराध जांच शाखा बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक सोनू मलिक ने बताया कि पूछताछ में उनकी पहचान जगदीश चंद्र उर्फ जग्गी व अनिल उर्फ काला पुत्र यादराम निवासी गांव सिद्दीपुर लोवा के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ सदर थाना में मामला दर्ज हुआ है।
11 मामलों का खुलासा
बहादुरगढ़ अपराध जांच शाखा प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए उपरोक्त दोनों बदमाशों ने प्रारंभिक पूछताछ में हत्या व हत्या के प्रयास सहित गंभीर किस्म के 11 मामलों का खुलासा किया। इनमें हत्या सहित अनेक मामलों में दोनों अति वांछित थे और दोनों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पकड़े अति वांछित बदमाशों के खिलाफ 11 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं।
देते रहे वारदात को अंजाम
सीआईए प्रभारी ने बताया कि आपसी रंजिश को लेकर 1995 में पीतराम निवासी सिद्धिपुर लोवा की पकड़े गए दोनों बदमाशों ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इसके पश्चात आरोपियों ने वर्ष 2007 में बाले व अशोक निवासी सिद्धिपुर लोवा की सरेआम बहादुरगढ़ में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। इन दोनों बदमाशों ने अदालत से जमानत मिलने के बाद वर्ष 2015 में झज्जर रोड बहादुरगढ़ में सोनू पुत्र ईश्वर निवासी सिद्धिपुर लोवा की रंजिशन गोली मारकर हत्या करने की वारदात की थी। इसके पश्चात उसी दिन आरोपियों ने गांव सिद्धिपुर लोवा में पहुंचकर मृतक सोनू के पिता ईश्वर की भी गोली मारकर हत्या करने की वारदात को अंजाम दिया था। इसके करीब 4 माह पश्चात बिजेंदर निवासी लोवा कला की भी रंजिशन गोलियां मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में अलग-अलग थाना शहर व सदर बहादुरगढ़ में मामले दर्ज किए गए थे। अदालत द्वारा जमानत मिलने के
पश्चात भी आरोपियों द्वारा हत्या के अनेक वारदातों को अंजाम दिया गया। दोनों को उपरोक्त मामलों में पकडने के लिए पुलिस द्वारा अलग अलग दो-दो लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सीआईए प्रभारी सोनू ने बताया कि दोनों मोस्ट वांटेड बदमाश बिजेंद्र उफऱ् बांडे की हत्या के मामले में गवाह मृतक बिजेंद्र के भाई मदन व उसके पिता को जान से मारने की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस की मुस्तैदी के चलते दोनों बदमाशों को किसी अन्य वारदात से पहले ही काबू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए दोनों अति वांछित इनामी बदमाशों को अदालत बहादुरगढ़ में पेश किया गया। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत भेज दिया गया।
ये है मामले
1. 1995 में पितराम निवासी लोवा कलां की हत्या।
2. जून 2004 में दिल्ली में शराब तस्करी का मामला जो दिल्ली कैंट थाना में दर्ज हुआ था।
3. मई 2015 में आपसी रंजिश को लेकर अवैध हथियारों के साथ जानलेवा हमला करने का मामला।
4. मई 2006 में रोहतक में हुए झगड़े व जान से मारने की धमकी देने का मामला।
5. अवैध हथियार रखने के संबंध में 2006 में थाना सदर बहादुरगढ़ में अनिल के खिलाफ मामला।
6. थाना शहर बहादुरगढ़ में लड़ाई झगड़ा एवं हत्या का मामला।
7. अप्रैल 2015 में हत्या का मामला थाना सदर बहादुरगढ़ में दर्ज किया गया था।
8. मई 2015 में ही थाना शहर बहादुरगढ़ में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला।
9. अगस्त 2015 में थाना सदर बहादुरगढ़ में हत्या का मामला।
10. अक्तूबर 2015 में गवाहों को धमकाने का मामला।
11. मार्च 2016 में भी आरोपियों के खिलाफ हत्या के मामले के गवाहों को जान से जान से मारने की धमकी देने का मामला थाना सदर बहादुरगढ़ में दर्ज किया गया था।