वकील के साथ पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट व बाद में पर्स से पैसे निकाले जाने की घटना में कोई कार्रवाई न होते देख यहां के वकील हड़ताल पर चले गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। यदि अधिकारियों ने मनमानी की तो वे आल इंडिया लेवल की हड़ताल के लिए भी मजबूर होंगे।
वकील सौरभ डागर ने बताया कि जब वह 31 दिसंबर की रात को अपने दोस्त के घर से लौट रहा था तो बीच रास्ते में एक पुलिसकर्मी ने उसे रोककर बाइक चोरी में हाथ होने का आरोप लगाते हुए मारपीट की। जब उसने स्वयं को वकील बताया तो आई कार्ड देखने के बहाने से न केवल उसका आई कार्ड रख लिया, बल्कि उसके पर्स से 1300 रुपये भी निकाल लिए। उन्होंने बताया कि इसको लेकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत की गई। जिस पर जांच के लिए डीएसपी के पास भेजा गया, लेकिन घटना के तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उस पर ही बेवजह दबाव बनाया।
सौरभ का कहना है कि जब उसने बार एसोसिएशन के संज्ञान में यह मामला लाया। उसके बाद भी कई बार यहां के वकील अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में एसोसिएशन के पदाधिकारियों कृष्ण यादव, अनिल दलाल, प्रदीप हुड्डा ने बताया कि उनके एक जूनियर साथी सौरभ डागर के साथ पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया है। जिस पर सुनवाई भी नहीं हो रही है। जिस कारण बुधवार से वकील एकजुट होकर तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही गिरफ्तारी नहीं हुई तो इस मामले आल इंडिया लेवल पर ले जाया जाएगा। वकीलों के अचानक हड़ताल पर चले जाने से कोर्ट का कामकाज भी काफी प्रभावित हुआ।
थाना शहर प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि किसी भी पुलिसकर्मी ने वकील के साथ कोई मारपीट व पैसे नहीं छीने। बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है। रात के समय पुलिस गश्त कर रही थी। हॉस्पिटल के नजदीक नाले के पास कुछ युवक झगड़ रहे थे। जिस पुलिसकर्मी पर मारपीट के आरोप लगाए जा रहे हैं उसने समझा-बुझाकर वकील को घर भेज दिया था। उसके साथ जो युवक था उसने भी इस तरह की घटना से मना किया है।
वहीं, इस मामले में डीएसपी सुरेश कुमार का कहना है कि उनके पास पुलिसकर्मी द्वारा मारपीट व पैसे निकाले जाने की शिकायत आई है। जिस पर जांच की जा रही है। सभी पक्षों को बुलाकर पूरे घटनाक्रम के बारे में पता किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके बाद ही कार्रवाई होगी।