झज्जर। वयस्क बीसीजी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. ब्रहमदीप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को राजबाला निवासी बहादुरगढ़ को अर्बन पीएचसी विकासनगर में टीका लगाकर किया गया। जिले में 489 वयस्कों ने बीसीजी का टीका लगवाया। प्रदेश के 11 जिलों में वयस्कों को बीसीजी का टीका लगेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
प्रदेश में वयस्कों को टीबी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश के 11 जिलों में अभियान चलाया जाएगा। पहले चरण में सोनीपत, अंबाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, नूंह, पंचकुला, रोहतक व सिरसा में बीसीजी टीकाकरण अभियान चलाया जाना है। इस दौरान वैज्ञानिक अध्ययन को ध्यान में रखकर टीबी मुक्त भारत के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। 60 साल से अधिक आयु वाले सहमत सभी तथा 18 से 60 साल तक के चुनिंदा सहमत लोगों को जिला झज्जर में बीसीजी का टीका लगाया जाएगा। अब तक टीबी रोकने के लिए केवल जन्म से एक वर्ष तक के बच्चों को टीका लगता था। सिविल सर्जन डॉ. ब्रहमदीप सिंह ने बताया कि अब तक टीबी की रोकथाम के लिए बच्चों को बीसीजी का इंजेक्शन लगाया जाता था। बीसीजी का टीका 14 साल तक असरदार होता है, इसलिए अब उन सभी लोगों को यह टीका लगाया जाएगा, जिन्हें टीबी होने का खतरा है।
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
थकावट होना
वजन कम होना
सांस लेने में दिक्कत होना