झज्जर। यात्रियों को टिकट नहीं देने वाली निजी बसों के संचालकों पर अब कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आरटीए विभाग की तरफ से निजी बस संचालकों को पत्र जारी किया गया है। जिले में अलग-अलग रूटों पर कई निजी बसों का संचालन होता है। इनमें से अधिकतर निजी बसों में बस परिचालक यात्रियों को टिकट नहीं देते।
अब यात्री को टिकट न देने वाले निजी बस संचालकों पर कार्रवाई होगी। निजी बसों को संस्पेंड भी किया जा सकता है। ऐसे कुछ मामले सामने आ भी चुके हैं। आगामी दिनों में किसी अन्य रूट पर आरटीए विभाग को यदि फिर शिकायत मिलती है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर के सामान्य बस अड्डा से रोहतक, बहादुरगढ़, सोनीपत, गुरुग्राम, रेवाड़ी, कोसली, ढांसा बॉर्डर, चरखी दादरी व भिवानी रूट पर निजी बसों को संचालन किया जा रहा है।
जिला परिवेदना समिति की बैठक में भी रखी गई थी शिकायत
निजी बस परिचालकों की ओर से यात्रियों को टिकट नहीं देने की शिकायत कुछ माह पहले जिला परिवेदना समिति की बैठक में रखी गई थी। उस समय भी समिति के तत्कालीन चेयरमैन ने आरटीए को आदेश दिए कि यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को टिकट मिलनी चाहिए लेकिन इस पर उस समय कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज तक अधिकतर रूटों पर चलने वाली बसों के परिचालक यात्रियों को टिकट नहीं देते हैं।
जिले में निजी बसों में यात्रियों को टिकट नहीं देने वाली बसों के संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान बसों को संस्पेंड भी किया जाएगा। कुछ रूट पर यात्रियों को टिकट नहीं देने पर निजी बसों को संस्पेंड किया गया है। सभी निजी बसों के संचालकों को यात्रियों को टिकट देने के लिए पत्र जारी किया गया है।
- राजेश मलिक, सहायक जिला परिवहन अधिकारी, झज्जर