निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप ने टीम को बताया कि यह एमटीपी किट उसने बिना बिल के नीरज नाम के एक लड़के से खरीदी है। टीम ने निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप से दो हजार रुपए की रिकवरी की, जो कि टीम द्वारा डेकोय को दिए गए थे।
अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालक को काबू किया हैं। उसे पुलिस के हवले कर दिया हैं। पुलिस ने शिकायत पर मेडिकल स्टोर संचालक सहित किट सप्लाई करने वाले के खिलाफ केस दर्ज कर लिया हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर को भी सील कर दिया हैं।
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सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि निर्मला मैडिकल हॉल छुछकवास में अवैध रूप से एमटीपी किट बेची जा रही है। सिविल सर्जन झज्जर ने एक टीम गठित की। कर्मचारी प्रदीप कुमार को डेकोय के रूप में कार्य दिया गया। टीम ने प्रदीप कुमार को दो हजार रुपए देकर निर्मला मेडिकल हाल भेज दिया और कुछ दूरी से नजर बनाए रखी।
नकली ग्राहक प्रदीप कुमार ने निर्मला मेडिकल हाल पर बैठे प्रदीप पुत्र रामधन से कहा कि मेरी गर्लफ्रेंड प्रेग्नेंट हो गई है। उसके अबॉर्शन के लिए दवाई चाहिए। कुछ देर प्रदीप कुमार से बातचीत करने के बाद निर्मला मेडिकल हाल संचालक डेकोय को 1600 रुपए में एमटीपी किट देने के लिए राजी हो गया। दुकान में पीछे से एक डिब्बे में से गर्भपात करने वाली दवाई निकाल कर लाया और एक डायरी पर लेने का तरीका भी समझाया।
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इसके बाद उसने डेकोय से दो हजार रुपए (500 के चार नोट) लिए और 400 रुपए वापिस किए। किट मिलने के बाद प्रदीप कुमार ने बाहर खड़ी टीम को इसकी सूचना दी। इसके बाद अधिकृत टीम ने निर्मला मेडिकल हाल का निरीक्षण किया और दुकान के मालिक प्रदीप से पूछताछ की गई। सीसीटीवी कैमरा से जुड़े डीवीआर को टीम ने कब्जे में लेकर सील कर दिया एवं फोन से की गई सारी रिकॉर्डिंग को एक पेन ड्राइव में डालकर सील कर दिया।
निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप ने टीम को बताया कि यह एमटीपी किट उसने बिना बिल के नीरज नाम के एक लड़के से खरीदी है। टीम ने निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप से दो हजार रुपए की रिकवरी की, जो कि टीम द्वारा डेकोय को दिए गए थे। टीम ने डेकोय प्रदीप कुमार से 400 रुपए भी लिए, जो निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप द्वारा उसको वापिस दिए गए थे। इसके बाद डॉ संदीप कुमार ने लोकल पुलिस को अवैध एमटीपी किट बेचे जाने की सूचना दी। कुछ देर बाद लोकल पुलिस मौके पर आ गई थी। टीम ने अपनी कार्रवाई और पूछताछ के बाद स्पॉट मेमो तैयार किया और निर्मला मेडिकल हाल को सील करके उसकी चाबियां निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप को दे दी थी। टीम ने निर्मला मेडिकल हाल संचालक प्रदीप को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने प्रदीप और नीरज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया हैं।