गांव चिमनी के पूर्व सरपंच पर हुए जानलेवा हमले में शुक्रवार देर शाम पुलिस ने मुख्य आरोपी जोगेंद्र को ढ़राणा मोड़ से काबू कर लिया है।
आरोपी को शनिवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने मामले के बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है।
बेरी थाना प्रभारी तेलूराम ने बताया कि गांव चिमनी के पूर्व सरपंच पर बीते छह दिन पहले गांव के जोगेंद्र व उसकी पत्नी, लड़का व अन्य लोगों ने पूर्व सरपंच पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें सरपंच गंभीर रूप से घायल हो गया और दिल्ली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूर्व सरपंच को छह दिन के बाद भी होश नही आया है। पुलिस ने पूर्व सरपंच की पत्नी की शिकायत पर गांव के जोगेन्द्र व उसकी पत्नी, लड़का, व चार-पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
रविवार को गांव चिमनी के पूर्व सरपंच सज्जन पर गांव के छह लोगों ने कस्सी से गला रेतकर जानलेवा हमला कर दिया था। इतना ही नहीं गला रेतने के बाद उस पर भारी पत्थर और लाठी-डंडों से भी हमला किया गया।
घटना में पूर्व सरपंच गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ले जाया गया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। फिलहाल सरपंच का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
पूर्व सरपंच के भाई सुभाष ने बताया कि तीन वर्ष पहले गांव चिमनी निवासी जोगेंद्र ने पूर्व सरपंच सज्जन के बेटे आशीष को बहला-फुसला लिया और बहादुरगढ़ में बीएड कॉलेज में हिस्सा दिलाने की बात कही।
ऐसा कहकर उसने अपने एक रिश्तेदार को आशीष से 10 लाख रुपये दिला दिए। उसके बाद आशीष को न कॉलेज में हिस्सा मिला और न ही रुपये। यह घटना तीन साल पहले की है।
तब से दोनों के बीच इन रुपयों को लेकर विवाद चलता आ रहा है। इसी विवाद को लेकर रविवार को उसकी हत्या का प्रयास किया गया है। सुभाष ने बताया कि आरोपियों ने तो सज्जन को मृत मानकर छोड़ा था।
थाना प्रभारी तेलू राम से बात की गई तो उनका कहना था कि पूर्व सरपंच पर हुए जानलेवा हमले में मुख्य आरोपी जोगेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है। मामले के अन्य आरोपियाें को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।