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Jhajjar-Bahadurgarh News: जमीन अधिग्रहण मुआवजे में धोखाधड़ी करने के मामले में एसीबी ने कोर्ट में चालान किया पेश

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संवाद न्यूज एजेंसी
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झज्जर। बहादुरगढ़ के कसार गांव में हुए जमीन अधिग्रहण मुआवजा को लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रोहतक ने चार आरोपियों के खिलाफ जिला कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर 1.08 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी राशि का गबन किया था। चालान में सोनू पटवारी (एचकेआरएनएल), कुलवंत पटवारी (अनुबंधित), सुनील उर्फ राजल (गांव चिमनी, जिला झज्जर) और नवदीप ( निवासी खरावड़, जिला रोहतक) को नामजद किया गया है।
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आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। साल 2003 में जिले के गांव कसार, जाखोदा और सांखौल की लगभग 300 एकड़ जमीन हरियाणा सरकार द्वारा अधिग्रहण की गई थी। इस अधिग्रहण से संबंधित गांव कसार की 27 कनाल 6 मरला जमीन के मामले एल.ए.सी. नं. 305 (2005–2008) ऋषिपाल सोलंकी एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य में साल 2017 में बढ़े हुए मुआवजे के रूप में 1 करोड़ 8 लाख 74 हजार 568 रुपये जारी हुए थे।
सतर्कता ब्यूरो की जांच में सामने आया कि सोनू पटवारी और कुलवंत पटवारी ने फर्जी कागजात तैयार कर धोखाधड़ी की। उन्होंने आरोपी नवदीप के माध्यम से साजिश रचकर यह राशि सुनील उर्फ राजल निवासी चिमनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी। इस प्रकार सरकारी राशि का गबन किया गया।
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इस संबंध में 26 मई 2025 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना रोहतक में अभियोग संख्या 14 दर्ज किया गया था। ब्यूरो ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ चालान दाखिल कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
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