झज्जर। मैम, हमें ट्रिप मॉनिटरिंग के तहत डायल 112 से सहायता दी जाती है। अगर हमारा मोबाइल छिन जाए या बंद हो जाए, ऐसे में कैसे सहायता मिलेगी। यह सवाल दुलीचंद पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने महिला थाना प्रभारी डॉ. किरण से किए। सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन के दोस्त पुलिस कार्यक्रम के तहत छात्राएं महिला थाने पहुंची।
छात्राओं ने महिला पुलिस थाने की कार्यप्रणाली को देखा। थाने में शिकायत मिलने से लेकर रिकार्ड रूम, मालखाना, हवालात, आईओ रूम, सीसीटीएनएस के बारे में जानकारी दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि ट्रिप मॉनिटरिंग के तहत जब भी कोई सहायता मांगता है तो सबसे पहले पुलिस उसे कॉल करके जानकारी लेती है।
उसे कहां से कहां तक जाना है। उसका कोई अन्य वैकल्पिक नंबर भी लिया जाता है। इस दौरान यदि मोबाइल बंद हो जाता है तो मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उसकी जांच करती है। इसके अलावा छात्राओं ने कई सवाल पूछे।
सवाल-जवाब
वारदात करने वाला गाड़ी बदल दें तो कैसे जांच होगी
यह जांच का विषय होता है। वहां के सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जाती है। इसके अलावा अन्य साधनों के जरिये ट्रेस करने का काम किया जाता है।
क्या पकड़े गए लोगों को थर्ड डिग्री दी जाती है
यह किए गए जुर्म पर निर्भर करता है। यदि जरूरत पड़ती है तो थर्ड डिग्री भी प्रयोग करनी पड़ जाती है।
थाना प्रभारी ने छात्राओं को सलाह दी कि यदि आपके साथ कोई गलत होता है तो उसकी जानकारी सबसे पहले अपने माता-पिता या शिक्षक को दें। यदि कोई आसपास बड़ा है तो उसे बताएं। आपको अपनी सुरक्षा खुद भी करनी आनी चाहिए। पुलिस आपके लिए है लेकिन अपनी सुरक्षा करनी आनी चाहिए।
उन्होंने साइबर फ्रॉड के बारे में भी छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वह मोबाइल का प्रयोग केवल काम के लिए करें। मौके पर स्कूल से मोनिका वत्स, दीपिका, सोनिया, शिल्पा, प्रिया शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।